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Udham Singh Nagar News: तारीख पर तारीख, अब मानसून बनेगा आरओबी निर्माण में रोड़ा

Mon, 26 Jun 2023 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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कार्यदायी संस्था ने 20 अगस्त तक पूरा करने का किया है वादा
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31 जनवरी 2018 को रखी गई थी आरओबी की आधरशिला
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। बाजपुर रोड पर निर्माणाधीन आरओबी का काम पूरा करने की कार्यदायी संस्था तारीख पर तारीख देने से दुकानदार अब हताश हो चुके हैं। वहीं अब मानसून की दस्तक ने दुकानदारों व शहरवासियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। ठेकेदार को अब कुदरत ने लेटलतीफी का मौका दे दिया। हालांकि ठेकेदार कंपनी ने 20 अगस्त का समय दे दिया है। अब देखना होगा कितना इस तारीख पर खरा उतरेगा।
काशीपुर में जाम की समस्या और रेलवे क्रांसिंग के 24 घंटे में 20 से अधिक बार बंद होने से आमजनता परेशान हो गई थी। 31 जनवरी 2018 को राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 56 करोड़ की लागत से बाजपुर रोड स्थित रोडवेज बस स्टेशन के पास रेलवे क्रांसिंग पर आरओबी का शिलान्यास किया था। इसके अलावा इसी दिन रामनगर रोड पर स्टेडियम के पास 42 करोड़ की लागत से बनने वाले आरओबी का शिलान्यास किया था। बाजपुर रोड व रामनगर रोड के आरओबी निर्माण का समय सीमा दो साल तय की गई थी। बाजपुर रोड स्थित निर्माणाधीन आरओबी को लगभग साढ़े पांच साल हो गए लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
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प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि कई बार कार्य पूरा करने को लेकर कार्यदायी संस्था दीपक बिल्डर्स के प्रोजेक्ट मैनेजर जेएस मथारू से बैठक कर चुके हैं। हर बार वह कोई नई तारीख दे दी जाती है। अब तक कम से कम पांच बार तारीख मिल चुकी है। बता दें कि बीती 1 फरवरी 2023 को जिलाधिकारी ने इस संबंध में समय सीमा मांगी थी। तब कार्यदायी कंपनी ने 105 दिन का समय दिया था। लेकिन इस अवधि में भी काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद कार्यदायी कंपनी ने 15 जून का समय दिया, लेकिन तब भी काम पूरा नहीं हो सका। इधर समय सीमा बीतने के बाद 20 जून को विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, नगर आयुक्त विवेक राय व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ प्रोजेक्ट मैनेजर जेएस मथारू व अजय शर्मा के साथ बैठक हुई। इस दौरान कार्यदायी कंपनी कोई निश्चित समय नहीं दे रही थी। तब विधायक ने एनएच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से बात की तब उन्होंने अब 20 अगस्त तक निर्माण कार्य पूरा होने का आश्वासन दिया। इधर मानसून की दस्तक से क्षेत्रवासियों को उम्मीद नहीं है, कि आरओबी निर्माण की दी गई तारीख तक पूरा हो सकेगा। उम्मीद लगाई जा रही अभी कम से कम से चार महीने और लगेंगे।
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दिसंबर 2016 में आरओबी की मिली थी मंजूरी
काशीपुर। दिसंबर 2016 में देहरादून में आयोजित ऑल वेदर रोड परियोजना के उद्घाटन के मौके पर सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने काशीपुर में प्रस्तावित बाजपुर रोड रोडवेज बस स्टेशन के पास व रामनगर रोड पर स्टेडियम के पास आरओबी निर्माण की मंजूरी दी थी। जिसके लगभग दो साल बाद आरओबी का 31 जनवरी 2018 को शिलान्यास किया गया था।

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कार्यदायी कंपनी दूसरे पर लेटलतीफी का फोड़ रही ठीकरा
काशीपुर। कार्यदायी कंपनी आरओबी निर्माण में लेटलतीफी की ठीकरा कभी बिजली विभाग पर तो कभी जल संस्थान पर, तो कभी रेलवे विभाग पर, तो कभी बीएसएनएल पर फोड़ रही है। बीती 23 जून को जब रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर ने रेलवे क्रांसिंग के ऊपर बनाए गए आरओबी के स्ट्राक्चर का निरीक्षण किया था। तब कंपनी के अजय शर्मा ने कहा था कि संबंधित विभागों से समय से एप्रूवल नहीं मिलने से देरी हो रही है। साथ ही कहा कि कोरोना काल के चलते उनके मजदूर चले गए थे तब काम अधर में लटक गया था। अब बता रहे हैं कि केवल बेरिंग फिटिंग और वेल्डिंग का काम बाकी है। इसके बाद रेलवे इंजीनियर आकर निरीक्षण करेंगे तब काम पूरा होगा।

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दुकानदार बोले आरओबी निर्माण ने पांच साल में कारोबार कर दिया ठंडा

- जिस तरह से ठेकेदार कंपनी यहां आरओबी निर्माण कर रही है ऐसा मैंने पहली बार देखा है। अन्य बड़े शहरों में तो एक से डेढ़ साल में फ्लाई ओवर या आरओबी इससे बड़े-बड़े बनाकर ट्रेफिक शुरू करा दिया जाता है।
अनिल सिंधवानी।

- पिछले लगभग पांच साल में कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। ठेकेदार ने 20 अगस्त का समय दिया तो है, लेकिन मुझे नहीं लगता काम पूरा होगा। क्योंकि अब बरसात शुरू हो जाएगी ठेकेदार कंपनी फिर आगे का समय दे देगी।
प्रशांत कुमार।

- आरओबी निर्माण तो शहरवासियों के लिए एक नासूर की तरह बन गया है। कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। ग्राहक जाम के चलते दुकान तक पहुंचता नहीं है। वहीं दिनभर धूल-मिट्टी उड़ने से बीमारी अलग हो रही है।
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मनोहर सिंधवानी।

- हमने सोचा था कि आरओबी बनने से जाम की समस्या का निजात मिलेगी। लेकिन यह तो बनने का नाम ही नहीं ले रहा है। ठेकेदार की इतनी हठधर्मिता है कि वह तो जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को तारीख पर तारीख देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है।
शाहिद।



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