संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। आढ़तों पर गेहूं के अधिक दाम मिलने के गेहूं क्रय केंद्रों में सरकारी खरीद फीकी पड़ गई है। 20 हजार क्विंटल के खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक एक केंद्र में सिर्फ 15 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका है, जबकि आढ़तों में 21331 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
क्षेत्र में गेहूं की लगातार कटाई और गहाई हो रही है। लेकिन क्रय केंद्रों में खरीद न के बराबर है। आढ़तों में गेहूं के अधिक दाम मिलने के कारण किसान क्रय केंद्रों में नहीं पहुंच रहे हैं। आरएफसी के वरिष्ठ विपणन अधिकारी दिनेश ने बताया कि गर्मी बढ़ने पर सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं आने की संभावना है। सीड प्लांटों पर गेहूं महंगा बिकने के चलते सरकारी केंद्रों पर गेहूं नहीं आ रहा है। मंडी स्थित एक खरीद केंद्र पर 15 क्विंटल गेहूं एक किसान ने तुलवाया है। वहीं मंडी निरीक्षक नवनीत ने बताया कि अब तक आढ़तों में यूपी के किसानों का कुल 17177 क्विंटल और प्रदेश के किसानों 4154 क्विंटल गेहूं है।
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गेहूं में 14 फीसदी नमी... अभी तक गेहूं में 14 फीसदी तक नमी आ रही है। सरकारी खरीद केंद्रों पर 12 प्रतिशत से अधिक नमी वाला गेहूं नहीं खरीद सकते हैं। मंडी में आढ़तों पर 2500 प्रति क्विंटल तक गेहूं बिक रहा है। जबकि सरकारी रेट 2125 रुपये है। हालांकि इस बार काशीपुर मंडी में यूपी से गेहूं नहीं आ रहा है।
कुछ किसानों ने सीड प्लांटों से बीज लेकर गेहूं बोया है। इन किसानों ने सीड प्लांट से एग्रीमेंट भी किया है। सीड प्लांट वाले उनका गेहूं क्षेत्रों से तुलवा कर ले जा रहे हैं।