रुद्रपुर। दूषित पानी पीने से वर्ष 2018 में गंभीर बीमारी हेपेटाइटिस ए की चपेट में आए गदरपुर के कनकटा गांव में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल लाइन बिछाई गई हैं। पेयजल निगम की ओर से इसमें 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर दिया गया है। ट्रायल और टेस्टिंग के बाद लोगों को जल्द ही स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति कर दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 2018 में गांव के 119 परिवार गंदा पानी पीने के चलते हेपेटाइटिस ए बीमारी के शिकार हो गए थे। इसके बाद अगस्त 2018 में सीएम ने कनकटा गांव में पेयजल योजना के तहत गहरे सोलर हैंडपंप लगाने की घोषणा की थी, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। सीएम की घोषणा के 10 माह बाद निगम की टीम की ओर से गांव का सर्वे किया गया था। इसमें इन परिवारों के लिए 86.17 लाख रुपये बजट का सोलर हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिलने पर इसे वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन योजना से जोड़ा गया। जेजेएम के तहत चार करोड़ 18 लाख 42 हजार रुपये की सकैनिया ग्राम समूह पेयजल योजना बनाई गई है। इसमें सकैनिया गांव के 784 व कनकटा गांव के 119 परिवारों को जोड़ा गया है। पेयजल निगम की अधीक्षण अभियंता मृदुला सिंह ने बताया कि दोनों गांव में पेयजल लाइनें बिछ गई हैं। पानी के पंपों की टेस्टिंग के बाद ग्रामीणों को जेजेएम से स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।
वर्ष 2024 तक 75 हजार पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य
रुद्रपुर। पीएम मोदी ने वर्ष 2019 अगस्त में जेजेएम योजना का शुभारंभ किया था। शुभारंभ के दौरान ही उन्होंने वर्ष 2024 तक सभी गांवों में हर घर नल योजना का वादा किया है। इसके तहत जिले के 607 राजस्व गांवों के दो लाख एक हजार 350 परिवारों को वर्ष 2024 तक पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 125720 उपभोक्ताओं के घर पेयजल कनेक्शन दे दिया गया है। शेष 75630 उपभोक्ताओं को पेयजल कनेक्शन देना है।