काशीपुर। भीषण गर्मी में डायरिया से ग्रस्त मरीजों से अस्पताल भरा पड़ा है। विशेषज्ञ बासी और बाहर के भोजन से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में गैस का इंजेक्शन तक नहीं है।
लगातार गर्मी बढ़ने से और फास्ट फूड खाने से पेट खराब होने की शिकायत बढ़ रही है। लापरवाही बरतने पर यह डायरिया का रूप ले रहा है। अस्पताल डायरिया, वायरल बुखार के मरीजों से फुल है, लेकिन अस्पताल में दवाइयों का टोटा है।
दवा नहीं मिलने से गैस के दर्द से पीड़ित मरीजों के तीमारदार भटकने को मजबूर हैं। रविवार को भी एक महिला बेटी के पेट में गैस की समस्या लेकर पहुंची। इमरजेंसी में इंजेक्शन नहीं मिलने पर उन्होंने बाहर से खरीदकर लगवाया।
मरीजों ने बताया कि अस्पताल में दवाइयां नहीं हैं। वहीं स्वास्थ्य अधिकारी महज अस्पताल प्रशासन से जानकारी लेने की बात कर पल्ला झाड़ने में लगे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पुनेठा ने बताया कि ओपीडी में 25 प्रतिशत बच्चे उल्टी-दस्त और बुखार से ग्रस्त आ रहे हैं। इनमें से दो-तीन रोज भर्ती हो रहे हैं। प्रतिदिन 90-100 की ओपीडी हो रही है। कहा कि गर्मी में बासी और बाहरी भोजन व फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए।