पंतनगर। तेज अंधड़ के साथ बारिश के साथ गिरे ओले किसानों के लिए चिंता का सबब बन गए। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश से फसल को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना ओले गिरने से हुआ है। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े छह बजे से तेज गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश लगभग साढ़े दस बजे तक जारी रही। इस बीच कहीं छोटे तो कहीं बड़े-बड़े ओले भी गिरे। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. आरके सिंह के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 29.4 मिमी. बारिश दर्ज की गई। इस दौरान औसत आर्द्रता 78 और हवा की गति 7.9 किमी. प्रतिघंटा रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान जहां 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं न्यूनतम तापमान 18.5 रहा। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है और कटने को तैयार है। इस बारिश को उस पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने वाला है, लेकिन ओले गिरने से गेहूं की बाली से दाने झड़ने की आशंका है। इससे गेहूं उपज में आंशिक नुकसान होने की संभावना है। इसी प्रकार सब्जी में बेल वाली फसलों में फल बनने की प्रक्रिया के दौरान ही ओले गिरने से फल गलन और झड़ने की समस्या उत्पन्न होगी। साथ ही फंगस लगने का भी खतरा बढ़ेगा।