काशीपुर। रेलवे ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट (टीआरडी) अधिकारियों ने बृहस्पतिवार रात आठ घंट की मशक्कत कर बिजली लाइन की मरम्मत करा ट्रेन का संचालन शुरू करा दिया। रेलवे ने हाइड्रा पलटने से क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइन के मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल को सौंपी है। आरपीएफ ने हाइड्रा चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य में कई कमियां मिलीं। रेलवे से अनुमति लिए काम करवाने का भी आरोप है। रेलवे की टीआरडी के जेई ने आरपीएफ में हाइड्रा चालक के खिलाफ तहरीर सौंपी है। आरपीएफ ने मामले में अज्ञात हाइड्रा चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच आरपीएफ निरीक्षक रणदीप कुमार को सौंपी गई है।
कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माणाधीन आरओबी क्रॉसिंग पर बुधवार शाम गार्डर हटाया जा रहा था लेकिन हाइड्रा हल्का होने के कारण गार्डर के वजन से पलट गया था। इससे ट्रेन संचालित करने वाली बिजली लाइन टूट गई थी। इस दौरान चालक और निर्माणाधीन आरओबी से श्रमिकों ने कूद कर जान बचाई थी। इससे ट्रेन का संचालन ठप हो गया था। सूचना पर इज्जतनगर बरेली से आए रेलवे टीआरडी के अधिकारी रातभर मौके पर डटे रहे। सुबह करीब सवा पांच बजे तक लाइन की मरम्मत एवं ट्रेन का संचालन शुरू होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। टीम में डीईई राजकुमार, एसएसई सुशील कुमार, टीआई अनिल कुमार, जेई गौरव कुमार आदि रहे।
मालगाड़ी समेत सात ट्रेन प्रभावित, 25 लाख की लगी चपत
काशीपुर। रेलवे के मुताबिक टीआरडी तकनीकी टीम ने बुधवार रात करीब सवा दस बजे से लाइन की मरम्मत कार्य शुरू किया। सुबह करीब सवा पांच बजे तक कार्य पूरा कर ट्रेन का संचालन शुरू कराया गया। इस दौरान ट्रेन संख्या 05409, 05410, 05354, 05364, 05384, 05367 और जीडीजीएच मालगाड़ी प्रभावित रही। इससे विभाग को करीब पच्चीस लाख रुपये की चपत लग गई।
निर्माणाधीन आरओबी पर कार्यदायी संस्था बिना अनुमति के कार्य रही थी। बड़ा हादसा होने से बच गया है। मामले में आरपीएफ ने केस दर्ज किया है। मामले की जांच कराई जा रही है। राज्य सरकार को भी पत्र भेजा जा रहा है। ट्रेन प्रभावित होने से विभाग को काफी नुकसान हुआ है। - रेखा यादव, डीआरएम, मंडल इज्जतनगर, बरेली।