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UK News: कप्तान साहब...औद्योगिक शहर में तीन प्वाइंट पर लगी लाइटें बनीं शोपीस, होमगार्ड ऐसे संभाल रहे यातायात

Tue, 30 Sep 2025 11:33 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

रुद्रपुर शहर के चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगी हैं लेकिन ये मात्र शोपीस हैं। तीन प्वाइंट पर ट्रैफिक का नियंत्रण होमगार्ड जवानों के जिम्मे नजर आया। यही कारण है कि यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही। 
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रुद्रपुर के इंदिरा चौक पर बंद पड़ी ट्रैफिक लाइट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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औद्योगिक नगर रुद्रपुर में यातायात व्यवस्था आज भी पुराने ढर्रे से चल रही है। कहने को तो शहर के चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगी हैं लेकिन ये मात्र शोपीस हैं। तीन प्वाइंट पर ट्रैफिक का नियंत्रण होमगार्ड जवानों के जिम्मे नजर आया। यही कारण है कि यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही। ऐसे में आखिर कब तक हाथ के इशारों पर शहर में वाहन दौड़ते रहेंगे।

वर्ष 2012 में 28 लाख की लागत से रुद्रपुर शहर के तीन चौराहों और व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक लाइटें लगी थीं जिससे कि यातायात को सुचारू रूप से नियंत्रित किया जा सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ये लाल, पीली और हरी लाइटें वाहन चालकों को बताती हैं कि उन्हें कब रुकना है, कब धीमा चलना है और कब आगे बढ़ना है। लेकिन यह ट्रैफिक लाइटें काम नहीं कर रही हैं।

सोमवार को अमर उजाला टीम ने शहर के इंदिरा चौक, डीडी चाैक और गाबा चौक की पड़ताल की तो लाइटें बंद थीं। प्रत्येक चौराहे पर अधिकांश होमगार्ड यातायात व्यवस्था का संचालन कर रहे थे। ट्रैफिक पुलिस के जवान छांव में राहत की सांस लेते दिखे। भीषण गर्मी जवानों को झुलसा रही थी। इसलिए इनके मुंह पर अंगोछा बंधा था। लोगों का कहना था कि ट्रैफिक लाइटें जलती ही नहीं हैं। पुलिस कप्तान का कहना है कि ट्रैफिक लाइटें काम कर रही हैं। यदि ऐसा है तो सिपाही और होमगार्ड ट्रैफिक का संचालन क्यों कर रहे हैं।

इंदिरा चौक: दोपहर साढ़े 12 बजे इंदिरा चौक पर वाहनों का भारी दबाव था। एक ओर वाहनों को रोकते ही दूसरी तरफ लंबी कतारें लगने लगीं। यातायात को नियंत्रित करने के लिए तीन होमगार्ड जवान के अलावा कोई नहीं था। एक पेड़ के नीचे दो ट्रैफिक कर्मी आराम फरमा रहे थे।

गाबा चौक: गाबा चौक पर दो जवानों के भरोसे यातायात व्यवस्था चल रही थी। हाईवे के कारण यहां पर वाहनों की संख्या काफी थी। हर सेकंड में वाहनों की लाइनें पुलिस कर्मियों का खूब पसीना निकाल रही थीं। ट्रैफिक लाइटें काम करतीं तो पुलिसकर्मियों से दूसरा काम लिया जा सकता था।

डीडी चौक: चौराहे के चार प्वाइंट पर कहने के लिए तो चार पुलिस जवान तैनात थे। मगर ये भी कम थे। धूप लगने पर दो कर्मचारी छांव पर पहुंचते ही यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई। हल्का जाम लगता रहा।थोड़ी-थोड़ी देर में वाहन चालक आगे बढ़ने के लिए हार्न बजा रहे थे।

ट्रैफिक लाइटें काम करती हैं। जब लगता है लाइटों की वजह से जाम लग रहा है तो उन्हें बंद कर दिया जाता है और मैनुअल यातायात चलता है। शहर की यातायात व्यवस्था को लगातार बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। - मणिकांत मिश्रा, एसएसपी

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