खटीमा (ऊधमसिंह नगर)। सुरई रेंज की वन सीमा से लगे गांव झाउपरसा में शौच के लिए जंगल गए युवक को बाघ ने मार डाला। वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। हालांकि, वन विभाग इसे तेंदुए का हमला मान रहा है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि बाघ ने ही युवक को मारा है।
झाउपरसा निवासी कांता प्रसाद का पुत्र रंजीत कुमार (24) सोमवार सुबह पांच बजे शौच के लिए जंगल में गया था। घर से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में छिपे बाघ ने उसे मार डाला। इधर, काफी देर होने के बाद जब रंजीत घर नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश में जंगल में गए। वहां उन्हें बाघ दिखाई दिया। शोर मचाने पर बाघ भाग गया। कुछ दूरी पर उन्हें रंजीत का शव दिखाई दिया। सूचना पर सुरई के रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल टीम के साथ वहां पहुंचे और जानकारी ली।
होली पर मुंबई से छुट्टी आया था रंजीत
रंजीत मुंबई की एक निजी कंपनी में काम करता था और होली पर छुट्टी आया था और उसे 15 मार्च को मुंबई लौटना था। अविवाहित रंजीत तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
कोट
जांच के बाद स्पष्ट होगा हमलावर बाघ था या तेंदुआ : रेंजर
ग्रामीणों के अनुसार युवक पर हमला करना वाला बाघ है, जबकि हमला तेंदुए का प्रतीत हो रहा है। जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि हमलावर बाघ था या तेंदुआ। शासन की ओर से मृतक के परिजनों को दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर कागजी कार्यवाही की जा रही है। लोगों से अपील है कि वे सुबह, शाम और रात के समय जंगल की ओर न जाएं। - आरएस मनराल, वनक्षेत्राधिकारी
वन्यजीवों को रास नहीं आ रहा इंसानी दखल
सिकुड़ते वन क्षेत्र और इंसानी दखल संघर्ष का कारण
सुरई रेंज में एक वर्ष में बाघ ने पांच लोगों को बनाया निवाला
संवाद न्यूज एजेंसी
खटीमा। खटीमा के सुरई रेंज की सीमा उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व तक फैला हुई है। यहां बड़ी संख्या में बाघ और तेंदुए हैं। वन सीमा से लगे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष आम बात हो गई है। सोमवार की घटना से पहले भी बाघों के हमले में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई घायल हो चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक सुरई रेंज में बाघ बीते एक वर्ष में पांच लोगों को मार चुका है। जानकारों का मानना है कि जंगलों में लगातार बढ़ते इंसानी दखल और सिकुड़ते वन क्षेत्रों के कारण वन्य जीव आक्रामक हो रहे हैं। मानव-वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग और आम लोगों को भी सार्थक कदम उठाने होंगे। रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने कहा कि वन्य जीवों के जीवन में हद से अधिक इंसानों का दखल ही संघर्ष का मुख्य कारण है।
बीते एक साल की घटनाएं
13 मई 2022 : बाघ ने शारदा बांध के पास चूका बीट में झाउपरसा निवासी रोहित को मार डाला था।
25 जून 2022 : शारदा बांध के किनारे घास काटने गए झाउपरसा निवासी उमाशंकर को बाघ ने मार दिया।
21 सितंबर 2022 : बाघ ने झपट्टा मारकर बाइक से जा हरे बग्गाचौवन निवासी उमेश और मदन सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
14 दिसंबर 2022 : भरतपुर न्यूरिया पीलीभीत यूपी निवासी परितोष को कक्ष संख्या 29 में बाघ ने हमलाकर मार डाला।
21 जनवरी 2023 : सुरई रेंज में बाघ ने दो गायों को निवाला बना लिया था।
28 जनवरी 2023 : बाघ ने ग्राम हल्दी घेरा निवासी केवल सिंह को सुरई रेंज के कंपार्ट 47 में मार दिया था।
13 मार्च 2023 को झाउपरसा में शौच के लिए गए रंजीत कुमार को बाघ ने मार डाला।
मृतक युवक के घर पर बना था शौचालय
खटीमा। बगुलिया की ग्राम प्रधान चंदा देवी ने बताया कि झाउपरसा गांव के सभी घरों में शौचालय बने हुए हैं। रंजीत के घर में शौचालय है। खुले में शौच और घूमने की उद्देश्य से वह जंगल गया था। संवाद
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