फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसे में रुद्रपुर के तीन युवकों की मौत

Mon, 07 Mar 2016 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
विज्ञापन
मृतक कावड़ियों के रोते बिलखते परिजन - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
बाइक से हरिद्वार गंगाजल लेने गए तीन शिवभक्तों को नगीना क्षेत्र में तेज रफ्तार डंपर ने रौंद डाला। मृतकों में दो रिश्तेदार हैं। महा शिवरात्रि के पर्व की तैयारियों में जुटे परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। दिनभर उनके घरों में शोक जताने वालों का तांता लगा रहा। 
विज्ञापन


मोहल्ला संजयनगर खेड़ा निवासी अमन सक्सेना (20) पुत्र रजनीश सक्सेना रविवार की देर शाम संजयनगर निवासी अपने फूफा मंगतराम उर्फ मनोज कुमार (35) और नारायण कॉलोनी ट्रांजिट कैंप निवासी अपने दोस्त संजीव मौर्या (22) के साथ एक ही बाइक से गंगाजल लेने हरिद्वार रवाना हुआ था। 

अमन ने अपने दोस्त की बाइक मांगी थी। देर रात नगीना क्षेत्र जिला बिजनौर (यूपी) में डंपर ने बाइक को रौंद दिया, जिससे मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। उनके पास से मिले मोबाइल से बिजनौर पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दी। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। रात में ही परिजन नगीना के लिए रवाना हो गए। 
विज्ञापन


मृतक अमन के पिता रजनीश सक्सेना प्राइवेट स्कूल में बस चालक हैं। रजनीश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। भाई रतन सक्सेना ने बताया कि अमन मोबाइल कंपनी में मार्केटिंग का काम करता था। फूफा मनोज बिजली और गैस रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे। तीसरे मृतक संजीव मौर्या की ट्रांजिट कैंप में ही मोबाइल की दुकान थी। 

मूल रूप से शाहबाद रामपुर का रहने वाला संजीव अपने मामा रोहतास के साथ रहता था। हादसे के बाद अमन और मंगत उर्फ मनोज के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़, पार्षद विकास मलिक, महेंद्र आर्या, तरुण दत्ता आदि ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बधाया। वहीं बिजनौर पुलिस शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम करवा रही है।  

दो बच्चियों ने खोया पिता का साया
नगीना में हादसे के शिकार हुए तीन मेें से दो अविवाहित थे। मृतक मंगत उर्फ मनोज ही शादीशुदा था। उसकी कृष्णा और स्नेहा दो बेटियां हैं। मनोज की गंगापुर रोड पर दुकान है। 

छह साल से कांवड़ लेने जाता था अमन
कांवड़ लेने जाने से पहले परिजनों ने अमन और मंगत को गर्मजोशी से विदा किया था। परिजन दोनों के गंगाजल लाकर लौटने की राह देख रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बड़े भाई रतन ने बताया अमन कांवड़ लाने के लिए बेहद उत्साहित रहता था। वह छह साल से कांवड़ लेने जा रहा था, लेकिन क्या पता था कि उसकी यह आखिरी कांवड़ यात्रा होगी। 

धरी रह गई बड़े भाई की शादी की तैयारी
नगीना में सड़क हादसे का शिकार हुए संजीव के परिवार पर एक साल में दूसरी बार दुखों का पहाड़ टूटा है। एक साल पहले संजीव के पिता प्रेमपाल का देहांत हुआ था। 11 मार्च को संजीव के बड़े भाई राहुल की शादी शाहबाद रामपुर में होनी थी। पूरा परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। संजीव की दुकान के आसपास रहने वाले दुकानदारों ने बताया कि कांवड़ लाने के बाद संजीव को भी शाहबाद रवाना होना था। वह भाई की शादी को लेकर बहुत खुश था और आसपास के लोगों को भी निमंत्रण दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें