काशीपुर क्षेत्र में मेहनत मजदूरी कर परिवार पालने वाले 65 वर्षीय बंता सिंह अपनी आंखों के सामने अपने पोते, बेटे और पत्नी को असमय खोता देख बेसुध हो गए। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
तुमड़िया डैम नारायणपुर निवासी बंता सिंह के चार बेटे थे। उनका परिवार मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरणपोषण कर रहा था। बृहस्पतिवार को पोते, बेटे और पत्नी का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे बंता ने बताया एक बेटे काला सिंह की पहले मौत हो गई थी। जबकि एक बेटा राकेश पैरालिसिस से पीड़ित है और लगभग 7-8 साल से बिस्तर पर है।
बुधवार शाम को उनका पत्नी प्रीतो कौर (60), बेटा बग्गा सिंह (36) राकेश के बीमार बेटे शिवा (10) का सीटी स्कैन कराने काशीपुर के एक निजी अस्पताल बाइक से जा रहे थे। वे खुद और शिवा की मां राज कौर दूसरी बाइक से उनके पीछे चल रहे थे। गढ़ीनेगी में पेट्रोल पंप के पास ट्रैक्टर-ट्राॅली से उनके बेटे बग्गा सिंह की बाइक की भिंड़त हो गई। उनकी पत्नी, बेटा और पोते की हादसे में असमय मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव का हर व्यक्ति स्तब्ध है। बताया कि बग्गा अपनी दो बेटी गुरवाणी (5) और किरन (4) को रोता-बिलखता छोड़ गया है। परिजनों ने बताया कि मृतकों का क्रिया-कर्म करने के बाद वे मामले में केस दर्ज कराएंगे।