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स्वास्थ्य विभाग: बेटे की चाह में लिंग परीक्षण करवाने वालों पर कसेगा शिकंजा, मुखबिर योजना के तहत चलेगा अभियान

Sat, 04 Apr 2026 12:25 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

बेटे की चाह में लिंग परीक्षण के मामलों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्त कार्रवाई और छापेमारी की तैयारी शुरू कर दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बेटे की चाह में अवैध रूप से लिंग परीक्षण करवाने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। बीते साल विभाग की शुरू की गई मुखबिर योजना को पंख देते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापा मारकर कार्रवाई करेगा।

ऊधमसिंह नगर में भ्रूण मिलने के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने 2025 के फरवरी महीने में मुखबिर योजना चलाई थी जिसके तहत अगर कोई भी व्यक्ति ने लिंग परीक्षण कराने की सूचना देता है तो उसे 50 हजार का इनाम दिया जाना था लेकिन इस योजना के बाद भी कोई भी व्यक्ति सूचना लेकर नहीं आया।

एक साल में भ्रूण मिलने के चार से ज्यादा मामले सामने आ चुके थे। गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कानून होने के बाद भी अवैध रूप से जिले के कई निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में लिंग परीक्षण किया जाता है। विभाग को भी सीमावर्ती से सटे यूपी क्षेत्रों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों की शिकायतें मिलती हैं कि यहां पर भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है।

इसी के चलते मुख्य चिकित्सा अधिकारी केके अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर जिले के आबादी वाले और सीमावर्ती क्षेत्र में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नजर बनाए रखने और छापा मारने के निर्देश दिए हैं। कहा कि अगर किसी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में अनियमितता या ऐसी गतिविधियां पाई जाती हैं तो उन पर गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के तहत तीन से पांच साल की जेल और 10 हजार से एक लाख तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है।

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