पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के नाॅरमन ई. बोरलाॅग फसल अनुसंधान केंद्र (सीआरसी) स्थित मौसम विज्ञान केंद्र को चोरों ने खंगाल दिया। चोरों ने केंद्र के उपकरणों को नुकसान पहुंचाकर बहुमूल्य शोध डाटा नष्ट कर दिया।
सोमवार रात सीआरसी गेट पर एक और केंद्र में दो सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह सीआरसी में ड्यूटी पर पहुंचे कर्मचारियों ने मौसम केंद्र की हालत देखी तो सन्न रह गए। आनन फानन अधिकारियों को सूचना दी गई। सीआरसी के संयुक्त निदेशक डाॅ. एसके वर्मा, मौसम केंद्र प्रभारी व निदेशक शोध डाॅ. एएस नैन व सुरक्षाधिकारी डाॅ. जीएस वोहरा ने केंद्र का मौका मुआयना किया। सीआरसी प्रभारी डाॅ. वर्मा ने सुरक्षाधिकारी को पत्र लिखकर मामले में एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
ये सामान चोरी
चोर तीन साॅयल थर्मामीटर, पीतल की वाटर मेजरिंग बकेट, थर्मामीटर मैक्सिमम, थर्मामीटर मिनिमम, इवापोरिमीटर और इनेमोमीटर चोरी कर ले गए हैं। चोरों ने जाते-जाते डीजल टू फिल्टर पाइप, डीजल टू टंकी पाइप, डीजल हेड कैप, डीजल पाइप, दो फ्यूज तीन एंपियर, एक मोटर सेफ्टी कवर, 21 मीटर सिंगल कोर तार और 10 एमएम की 12 मीटर लाइट टेरेप वायर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। यह सभी सामग्री वैज्ञानिक शोध से संबंधित हैं।
केंद्र के ही किसी कर्मचारी की संलिप्तता का अंदेशा
पंतनगर। सीआरसी के संयुक्त निदेशक डाॅ. एसके वर्मा ने बताया कि वह केंद्र पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्ती से पेश आते हैं। इससे अधिकतर कामचोर कर्मी उनसे खुन्नस रखते हैं। संभवतः ऐसे ही किसी कर्मचारी ने खुन्नस में इस घटना को अंजाम दिया है। बताया कि चोर नदी की ओर से तारबाड़ उठाकर मौसम केंद्र तक पहुंचे थे। संवाद
एयरपोर्ट से लिया जाएगा मौसम का डाटा
पंतनगर। सीआरसी के मौसम केंद्र में उपकरणों की चोरी और थर्मामीटर आदि क्षतिग्रस्त होने से तापमान व बारिश आदि का डाटा नए उपकरण लगने तक नहीं मिल सकेगा। जिसमें दो-तीन दिन लगने की संभावना है। विवि के पूर्व मौसम वैज्ञानिक डाॅ. आरके सिंह ने बताया कि पूर्व में ऐसी परिस्थितियों में एक किलोमीटर दूर स्थित पंतनगर एयरपोर्ट के मौसम केंद्र से डाटा लिया जाता रहा है। इस बार भी उन्हीं की मदद लेनी पड़ेगी।