काशीपुर। शासन-प्रशासन सड़क को गड्ढा मुक्त करने के भले ही लाख दावे कर लें लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। महुआखेड़ा गंज से बरखेड़ा पांडे तक दो किमी लंबी सड़क बदहाल है। लोगों का कहना है कि सड़क पर थोड़े गड्ढे तो वह फिर भी झेल लेते लेकिन यहां गड्ढों में थोड़ी-थोड़ी सड़क है। ऐसे में राहगीरों को आने-जाने में कितनी परेशानी होती होगी।
नगर के इंडस्ट्रीयल एरिया महुआखेड़ा गंज से ग्राम बरखेड़ा पांडे को जाने वाले दो किमी मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। दोपहिया, तिपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है। आए दिन इस मार्ग पर दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं। क्षेत्रवासियों के मुताबिक इस मार्ग के निर्माण के लिए कई बार क्षेत्रीय विधायक यशपाल आर्य और पालिकाध्यक्ष से कह चुके हैं। हर बार आश्वासन मिलता है लेकिन गड्ढे भरे नहीं जाते हैं।
क्या कहते हैं लोग
- मुझे तो लगता है जनप्रतिनिधियों को आमजनता की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। लगभग 8-10 वर्ष हो चुके हैं लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस सड़क को सही कराने का प्रयास नहीं किया। - अमंतपाल आंबेडकर।
- महुआखेड़ा गंज से यदि बरखेड़ा पांडे की ओर कहीं जाना हो तो कई बार सोचने को मजबूर हो जाते हैं कि सड़क पर इतने गड्ढे हैं कैसे जाया जाएगा। इस सड़क को लेकर क्षेत्रीय विधायक तक गंभीर नहीं हैं। - अरविंद णा।
- आठ-दस साल होने जा रहे हैं लेकिन सड़क के हालात नहीं सुधरे। सड़क पर इतने गहरे-गहरे गड्ढे हैं कि बाइक चलाना तक मुश्किल हो जाता है। मैं खुद कई बार गड्ढों में गिरने से बच चुका हूं। - संजय सिंह।
- सरकार कहती है राज्य की सड़कें गड्ढा मुक्त होगी, लेकिन इस मार्ग पर कोई जनप्रतिनिधि आकर तो देखे कैसे क्षेत्रवासी आते-जाते हैं। कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती। - सलीम अंसारी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
- महुआखेड़ा गंज से ग्राम बरखेड़ा पांडे जाने वाली सड़क के हालात बहुत खराब हैं। इस सड़क को बनवाने के लिए लोनिवि के अधिकारियों से कई बार कहा गया लेकिन सड़क के न तो गड्ढे भरे जा रहे हैं और न ही सड़क बनाई जा रही है। - नसीमा बेगम, पालिकाध्यक्ष नगर पंचायत महुआखेड़ा गंज।
- महुआखेड़ा गंज से ग्राम बरखेड़ा पांडे तक की सड़क बनवाने के लिए लगभग साढ़े तीन करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। अभी तक शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिली है। बारिश से सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिन्हें भरवाने का शीघ्र काम कराया जाएगा। धन स्वीकृत होने पर सड़क बनाई जाएगी। - अरुण कुमार, ईई, लोनिवि काशीपुर