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उद्योग मित्र की बैठक में उठा सड़क, सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति का मुद्दा

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रुद्रपुर। उद्योग मित्र की बैठक में सड़कों की बदहाली, सिडकुल क्षेत्र में सुरक्षा, विद्युत कटौती आदि मुद्दे प्रमुुखता से उठे। उद्योग बंधुओं ने डीएम की उपस्थिति में अपने सुझाव रखे और उसका जवाब भी तलाशा। डीएम ने संबंधित अधिकारियों का जवाब तलब करते हुए उद्योग मित्रों को आश्वस्त किया।
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बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में दोपहर 12 बजे से उद्योग मित्र की बैठक हुई। उद्यमियों ने सुझाव रखा कि सीएसआर फंड से एक कार्य पूरा होने के बाद ही दूसरे को शुरू करना बेहतर रहेगा। कुरैया में बन रहे पावर हाउस में हो रही देरी के संबंध में डीएम ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को सचेत किया। डीएम ने कहा कि दो साल में करीब 15 करोड़ रुपये राजस्व की हानि हो चुकी है, अब यह कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। वहीं बिजली कटौती में कमी लाने की बात भी कही गई।
सिडकुल चौकी को पुलिस थाना बनाने की मांग भी की गई। सिडकुल एंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसायटी के उपाध्यक्ष श्रीकर सिन्हा ने कहा कि सिडकुल में करीब चार लाख लोग काम करते हैं जबकि पूरी सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ आठ पुलिस कर्मियों के हवाले है। मेट्रोपोलिस के पास हाईवे पर कट बनाने की मांग की गई। एनएचएआई की मैनेजर मीनू ने कहा कि इस संबंध में बैठक कर बात की जाएगी।
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सिडकुल क्षेत्र में ड्रेनेज की सफाई व फुटओवर ब्रिज बनाने की भी मांग हुई। सिडकुल परिसर में विवाद की स्थिति में धरना-प्रदर्शन रोकने की मांग की गई। डीएम युगल किशोर पंत ने कहा कि श्रमिकों का शोषण किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए। कंपनी के अंदर ही उनकी बात सुनी जाए, धरना-प्रदर्शन की नौबत ही नहीं आनी चाहिए। वहीं उद्योग बंधुओं ने सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी पर निचले स्तर से कंपनियों में फोन कराने व अनावश्यक विजिट कराने से दहशत पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। एएलसी ने कहा कि इस तरह की शिकायत उनके संज्ञान में जरूर आनी चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र, मुख्य कोषाधिकारी डॉ. पंकज कुमार शुक्ला, महाप्रबन्धक उद्योग चंचल बोरा, आरएम सिडकुल कमल कफल्टिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य, केजीसीसीआई से हरीश, उद्यमी बीएस सेहरावत, विशाल गर्ग, अनूप सिंह, आनन्द रंजन, राजेश मिश्र, उमेश शर्मा, वी. सिंह. चमन सिंह, कुलदीप सिंह आदि थे।
ईएसआई को कौन भेजे नोटिस
रुद्रपुर। श्रमिकों के लिए ईएसआई अस्पताल के निर्माण के बाद इसके संचालित नहीं होने पर उद्योग मित्रों ने नाराजगी व्यक्त की। केजीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक बंसल ने कहा कि ईएसआई का पैसा जमा होने में थोड़ी देर होने पर कंपनी को नोटिस भेज दिया जाता है जबकि श्रमिकों का अधिकार होने के बाद भी अस्पताल का संचालन ठीक से शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में तय किया जाए कि अस्पताल और ईएसआई को कौन नोटिस भेजेगा। डीएम ने उन्हें समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया।
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