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Uk: सपनों को लगे पंख...दस महिलाओं के आइडिया बन गए बिजनेस, पहल से 10 स्टार्टअप को मिला 1.88 करोड़ का फंड

सार

काशीपुर में सही मार्गदर्शन और आर्थिक संबल मिल जाए तो सपने हकीकत में बदलने लगते हैं। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के फीड इंक्यूबेशन सेंटर ने भरोसा दिखाया तो महिलाओं ने अपने आइडिया को सफल बिजनेस में बदल दिया।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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काशीपुर में सही मार्गदर्शन और आर्थिक संबल मिल जाए तो सपने हकीकत में बदलने लगते हैं। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के फीड इंक्यूबेशन सेंटर ने भरोसा दिखाया तो महिलाओं ने अपने आइडिया को सफल बिजनेस में बदल दिया। वर्ष 2025 में प्रदेश की दस महिला उद्यमियों ने कुल 1.88 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है।

आईआईएम काशीपुर का फीड इंक्यूबेशन सेंटर केवल धन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने की पूरी तैयारी कर रहा है। अलग-अलग सरकारी योजनाओं के माध्यम से इन दस महिला स्टार्टअप को पांच लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की फंडिंग दिलाई गई। फीड सेंटर ने साहस और सक्षम जैसे स्टार्टअप इंक्यूबेशन कार्यक्रम शुरू कर उद्यमियों को संसाधन और मार्गदर्शन देकर सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भी उद्यमियों को फंडिंग दिलाई जा रही है।

इन्होंने बनाई पहचान

मातृका वेंचर की डॉ. ज्योति नेगी को पांच लाख रुपये, विगोरस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की चंचल को 50 लाख रुपये, सुभाग हिमालयन रिसॉर्सेस प्राइवेट लिमिटेड की डॉ. प्रीति सिंह को पांच लाख रुपये, ओजस एनीमल फीड की डॉ. बीनू भदौरिया को 20 लाख रुपये और इको नेक्सेस इनोवेशन्स की जैनब सिद्दीकी को पांच लाख रुपये की फंडिंग मिली है। इनके अलावा अन्य महिला उद्यमी भी लाखों रुपये का सहयोग प्राप्त कर आगे बढ़ रही हैं।

 

कैसे मदद करता है फीड

फीड इंक्यूबेशन सेंटर भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत उद्यमियों को फंडिंग दिलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यहां स्टार्टअप्स को ट्रेनिंग, मेंटरशिप, प्रेजेंटेशन स्किल्स और उत्पाद विकास में मदद दी जाती है। नवाचार के विचारों को व्यावसायिक रूप देने के लिए विशेषज्ञों से सीधा संवाद स्थापित कराया जाता है। यही कारण है कि हर साल प्रदेश और देश के कई उद्यमी फीड के सहयोग से अपने सपनों को नई उड़ान दे पा रहे हैं।

दस महिलाओं के स्टार्टअप ने पांच लाख से 50 लाख रुपये तक प्राप्त किए हैं। उन्हें फंड के साथ ही मार्केट में आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। समय-समय पर आईआईएम के प्रोफेशनल्स की गाइडेंस भी मिलती रहती है। -सफल बत्रा, प्रोफेसर इंचार्ज, फीड, आईआईएम काशीपुर

 

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