रुद्रपुर। शहर में ई रिक्शा संचालन को लेकर चल रही रार फिलहाल थम गई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ की अगुवाई में सैकड़ों चालकों ने एआरटीओ दफ्तर घेरा तो एआरटीओ ने परमिट और लाइसेंस बनवाने के लिए डेढ़ महीने का वक्त देने में हामी भर दी। जिसके बाद सड़कों पर फिर से ई रिक्शा दौड़ने शुरू हो गए हैं।
शुक्रवार की सुबह बेहड़ की अगुवाई में बड़ी तादाद में शहर के ई रिक्शा चालक एआरटीओ दफ्तर पहुंचे। दफ्तर में एआरटीओ के न मिलने पर बेहड़ और चालक परिसर में ही धरने पर बैठ गए। थोड़ी देर बाद एआरटीओ प्रवर्तन आर पी राठौर वहां पहुंचे और वार्ता हुई। बेहड़ ने कहा ई रिक्शा चलाने वाले बेहद गरीब हैं। वाहनों को सीज करने के बजाए परमिट और लाइसेंस बनवाने के लिए कुछ वक्त दिया जाए। इसके अलावा अधिकृत कंपनियों के अलावा अन्य जगहों से खरीदे गए ई रिक्शा के लिए भी बीच का रास्ता निकाला जाए। इस संबंध में वे अगले हफ्ते देहरादून जाकर शासन से भी वार्ता करेंगे।
एआरटीओ राठौर ने चालकों को परमिट और लाइसेंस बनवाने के लिए डेढ़ महीने का वक्त देने पर सहमति जताई। इधर बेहड़ ने चालकों को नसीहत दी कि वे नियमों का पालन करना सीखें। लाइसेंस बनवाएं और वसूली करने वालों से बचें। उन्होंने कहा कि अधिकृत कंपनियों के अलावा दूसरी जगहों से वाहन नहीं खरीदें। जिन लोगों ने अधिकृत कंपनियों से वाहन नहीं खरीदे हैं, उनकी समस्या से अगले हफ्ते सीएम को अवगत कराया जाएगा। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर पार्षद मोनू निषाद, ललित मिगलानी, हेमराज, अथर मोहम्मद, अली मोहम्मद, चंद्रपाल, राजवीर, राम सिंह, किरन मंडल, जगदीश नारंग, यूनुस, जुनैद, लईक, संजय, इरफान, यासीन, इरशत आदि थे।
अवैध कारखाना और बस हुई सीज
रुद्रपुर। कंपनियों के अलावा शहर के कई हिस्सों में चोरी छिपे ई रिक्शे का निर्माण किया जा रहा है। एआरटीओ आरपी राठौर ने बताया कि कल्याणी व्यू के पास ई रिक् शा बनाने वाले एक कारखाने को उन्होंने सीज किया है। यहां पार्ट्स लाकर ई रिक्शा बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि सिडकुल में एक कंपनी की बस को भी सीज किया गया है। बस के पास परमिट नहीं पाया गया है।