काशीपुर। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट से निराशा ही हाथ लगी है। क्योंकि सरकार को अपनी आय बढ़ाने और सरकार चलाने पर आने वाले खर्च को कम करने की आवश्यकता थी। इससे लोक कल्याणकारी तथा विकास कार्यों पर खर्च बढ़ाना की आवश्यकता थी जो इस बजट में नहीं लाई गई। सीएचआर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट नदीम उद्दीन ने कहा राज्य सरकार के बजट से निराशा ही हाथ लगी है। क्योंकि बजट में क्षेत्रवार खर्च की जाने वाली प्रस्तावित धनराशि का कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए काशीपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को निराशा हुई है। सरकार को बताना चाहिए कि किस मद में कुल बजट का कितने प्रतिशत खर्च करेगी और वह पिछले वर्षों की अपेक्षा कितने प्रतिशत अधिक है।
''''महज 10.5% बजट निर्माण में होगा खर्च''''
नदीमउद्दीन ने बताया कि राज्य के कुल बजट का 34.79% सरकार चलाने पर खर्च होगा। इसमें 24.98% वेतन भत्ता व मजदूरी और 9.81% पेंशन आदि पर खर्च होंगे। निवेश ऋण पर 15.23 फीसदी और ब्याज लाभांश पर 7.96 फीसदी खर्च होगा। केवल 10.56 फीसदी निर्माण कार्यों और 25.23 फीसदी अन्य व्यय पर खर्च होगा। इस प्रकार लगभग दो तिहाई भाग जनता या विकास कार्यों पर खर्च नहीं होगा। बजट की प्राप्तियों में राज्य का स्वयं का कर राजस्व कुल बजट 25.89 फीसदी है, जबकि टैक्स के अलावा राजस्व 6.17 फीसदी है। इस प्रकार प्रदेश की अपनी कुल आय बजट के एक तिहाई से केवल 32.06 फीसदी है। बजट का एक चौथाई से अधिक 25.21 फीसदी प्रतिशत लोक ऋण लेने का अनुमान रखा गया है। इसके अलावा केंद्रीय टैक्सों (आयकर आदि) में राज्य को मिलने वाले भाग से 14.89 फीसदी भाग तथा 27.07 फीसदी केंद्र सरकार सहायता अनुदान दर्शाया गया है। ऋणों की अग्रिम की वसूली केवल 0.10 फीसदी दर्शाई गई है।