बाहरी प्रदेशों में टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम देने के बाद ठंडानाला आकर ऐश कर रहे अपराधी
चंदन बंगारी
रुद्रपुर। गूलरभोज का ठंडा नाला गांव का नाम भले ही जिले में कम लोग जानते हों, मगर कई प्रदेशों की पुलिस के रिकार्ड में यह गांव शातिर टप्पेबाजों का गढ़ बन गया है। महिलाओं से टप्पेबाजी की वारदातों के सिलसिले में राजस्थान सहित कई प्रदेशों की पुलिस गांव में दबिश देकर टप्पेबाजों को गिरफ्तार कर ले जा चुकी है। मंगलवार को लखनऊ पुलिस ने अपने क्षेत्र में हुई टप्पेबाजी की दो घटनाओं में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है और इनमें तीन बदमाश ठंडानाला के रहने वाले हैं। दस माह पहले गोरखपुर पुलिस ने ऐसे ही मामले में ठंडानाला के रहने वाले आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। वारदातों को अंजाम देने के बाद ये लोग घर आकर रकम से मौज उड़ाते हैं। ये लोग इतने शातिर हैं कि यूएसनगर और उत्तराखंड में कोई वारदात नहीं करते हैं ताकि स्थानीय पुलिस उन पर शिकंजा कस सके। संवाद
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तंत्रमंत्र से समस्याएं दूर करने का देते हैं झांसा
यह गांव लंबे समय से टप्पेबाजी की वारदातों में शामिल शातिर बदमाशों के ठिकाने के तौर पर उभरा है। ठंडानाला गांव में करीब 64 परिवार रहते हैं और आबादी 900 से अधिक है। गांव के कईं परिवारों के सदस्य गिरोह बनाकर दूसरे राज्यों में जाते हैं। वे अकेली महिला खासतौर पर वृद्धा को निशाना बनाते हैं। ये लोग तंत्रमंत्र से घर की कलह सहित अन्य समस्याएं दूर करने, भगवान दिखाने सहित अन्य चीजों का झांसा देकर महिलाओं से टप्पेबाजी में माहिर हैं। इनमें से कईं लोग सम्मोहित करने का हुनर भी रखते हैं। कुछ जगहों पर तो इन लोगों ने पुलिस या अन्य विभाग का कर्मी बनकर टप्पेबाजी की है। ये लोग टोली बनाकर शहर में बाइकों से घूमते हैं। खासतौर पर बैंकों और बाजार के आसपास वारदातों को करते हैं। हाल के सालों में यहां के लोगों ने यूपी, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में कई वारदातों को अंजाम दिया है।
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चौधरी के फरमान की भी नाफरमानी
चार साल पहले गांव के चौधरी ने फरमान सुनाया था कि लोग अनैतिक कार्य छोड़ दें लेकिन ठगी में लिप्त लोगों ने धंधा जारी रखा। मंगलवार को लखनऊ के विभूतिखंड बासमंडी में पुलिस ने चार टप्पेबाजों इरशाद निवासी किठौर मेरठ, शाहिद अहमद, हबीब अहमद और महबूब निवासी ठंडा नाला को दो महिलाओं के साथ हुई टप्पेबाजी की घटनाओं के आरोप में पकड़ा था और इनके कब्जे से महिलाओं के जेवर बरामद किए गए थे। इनमें हबीब दूसरे आरोपी इरशाद का बहनोई है। इरशाद के खिलाफ मेरठ, मुरादाबाद और अन्य जगहों पर केस दर्ज हाेने की बात सामने आई थी। चौंकाने वाली बात है कि कुछ दिन पहले ही चारों लोग गूलरभोज क्षेत्र में घूमकर मौजमस्ती कर रहे थे।
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बड़ी घटनाओं में लिप्तता
- सितंबर 2022 में गोरखपुर की कैंट थाना पुलिस ने रिटायर महिला दरोगा के साथ हुई टप्पेबाजी के आरोप में ठंडा नाला के आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। गोरखपुर पुलिस ने टप्पेबाजी में लिजप्त ठंडा नाला के 31 लोगों की सूची उधमसिंहनगर जिले को भेजने की बात कही थी।
- मार्च 2021 को छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने दो महिलाओें को भगवान दिखाने का झांसा देकर लाखों रुपये के जेवर ठगने वाले ठंडा नाला निवासी अय्युब हसन को गांव में दबिश देकर गिरफ्तार किया था। उसके तीन साथी भाग निकले थे।
- दो नवंबर 2019 में नवी मुंबई पुलिस ने एक वृद्ध से हुई जेवरों की ठगी के मामले में ठंडानाला निवासी मुख्य आरोपी फिरोज को दबिश देकर पकड़ा था जबकि उसके तीन साथी हत्थे नहीं चढ़े थे।
- जुलाई 2019 मेें भीलवाड़ा राजस्थान पुलिस ने ठगी के मामलों में लिप्त गैंग के सदस्यों की तलाश में ठंडा नाला में दबिश दी थी।
- सितंबर 2017 में मध्यप्रदेश के इंदरगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई महिला से ठगी मामले में पुलिस ने ठंडा नाला निवासी इलियास को पकड़ा था।
- वर्ष 2017 में ग्वालियर पुलिस ने एक महिला से ठगी मामले में ठंडा नाला निवासी शाहिद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद टीम गांव पहुंची तो गैंग के छह लोग भाग चुके थे।
इंसेट:
पुलिस से भिड़ जाती हैं ठगों के परिवारों की महिलाएं
रुद्रपुर। शातिर ठगों के परिवारवाले भी चौकन्ने रहते हैं। यदि बाहरी राज्य की पुलिस दबिश देती है तो वे पुलिस को उलझाकर आरोपियों को भगा देती है। कुछ साल पहले मुंबई पुलिस की दबिश के दौरान महिलाएं उनसे भिड़ गई थीं। पिछले साल बाइक चोरी के मामले में दबिश देने गई स्थानीय पुलिस का महिलाओं ने विरोध कर दिया था और एसओ के साथ धक्कामुक्की की थी। इस पर एसओ ने महिला को थप्पड़ भी जड़ दिया था। इसके बाद मामला बेहद चर्चित हो गया था। पुलिस ने 82 लोगों पर केस दर्ज किया था। तब एसएसपी ने भी गांव में अधिकतर लोगों के आपराधिक मामलों में लिप्त होने की बात कही थी। संवाद
गूलरभोज के ठंडा नाला गांव में रहने वाले अधिकतर परिवार के सदस्य हाथ की सफाई में माहिर हैं। ये लोग राजस्थान, मध्यप्रदेश, यूपी सहित अन्य प्रदेशों में वारदात करते हैं। पुलिस डोर टू डोर परिवारों का सर्वे पारिवारिक सदस्यों के बारे में जानकारी एकत्र करेगी। विभिन्न प्रदेशों में आपराधिक वारदातों में शामिल लोगों की सूची तैयार की जाएगी। ग्राम अपराध रजिस्टर को भी अपडेट करने के निर्देश दिए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अगर कोई दूसरे प्रदेश जा रहा है तो सूचना चौकी को जरूर दे। - अभय सिंह, एएसपी काशीपुर।