रुद्रपुर। बच्चों के भविष्य को लिए जिले के पांच विद्यालयों के 100 बच्चों ने साइकोमेट्रिक टेस्ट दिया। सेवायोजन विभाग की ओर से बच्चों को टेस्ट की रिपोर्ट भी दे दी गई है। रिपोर्ट में बताया है कि बच्चा किस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
दसवीं के बाद छात्र-छात्राओं को हमेशा इस बात का तनाव रहता है कि वह साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स में से किन विषयों का चुनाव करें। बच्चों का तनाव दूर करने के लिए सेवायोजन विभाग की ओर से जिले के जीआईसी दिनेशपुर, काशीपुर के जीआईसी जोशी मझरा, महुआडाबरा जसपुर, जसपुर के जीआईसी रायपुर और काशीपुर के जीआईसी बांसखेड़ा स्कूल में 20-20 बच्चों का साइकोमेट्रिक टेस्ट लिया गया। इसके बाद काउंसलरों की ओर से बच्चों के टेस्ट के आधार पर स्कोरिंग की गई।
जिला सेवायोजन अधिकारी आरके पंत ने बताया कि करिअर काउंसलिंग के साथ ही बच्चों का साइकोमेट्रिक टेस्ट कराया गया है। 10वीं में पढ़ने वाले बच्चों को इसकी रिपोर्ट भी सौंप दी है। बताया कि बच्चों को साइकोमेट्रिक टेस्ट भाषा अभिक्षमता, अमूर्त तर्क, मौखिक तर्क, यांत्रिक तर्क, संख्यात्मक अभिक्षमता, स्थानिक अभिक्षमता व अवधारणात्मक अभिक्षमता के सब टेस्ट कराए गए हैं। इन्हीं सात सब टेस्ट के आधार पर बच्चों की स्कोरिंग की गई है। बताया कि विदेशों व बड़े महानगरों में भी बच्चों को किन विषयों की पढ़ाई करनी है। इन्हीं टेस्ट से पता चलता है।