सितारगंज में निर्माणाधीन तहसील का आधुनिक भवन। संवाद
सितारगंज। नगर स्थित तहसील परिसर में चार करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक तहसील भवन का निर्माण किया जा रहा है जो अंतिम चरण में है। अगस्त में तहसील भवन का निर्माण भी पूरा जाएगा। इससे अब फरियादियों को नगर से दूर मंडी समिति में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं प्रशासन पर पड़ रहा किराए का अधिक भार भी कम होगा।
ब्रिटिश शासनकाल में बने तहसील भवन की मरम्मत के लिए साल 2012 में लोनिवि ने प्रस्ताव भेजा था लेकिन भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली। वर्ष 2018 में तहसील के जर्जर भवनों की छत टपकने लगी। इस पर एसडीएम ने जिला मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद मार्च 2019 में तत्कालीन डीएम ने तहसील को कृषि उत्पादन मंडी समिति के किराए के भवनों में शिफ्ट कर दिया था।
क्षेत्रीय विधायक रहे वर्तमान कैबिनेट सौरभ बहुगुणा के प्रयास से 2019 में तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सितारगंज के तहसील भवन का निर्माण कराने की घोषणा की थी। आठ जनवरी 2021 को तत्कालीन डीएम रंजना राजगुरु ने पुरानी तहसील का निरीक्षण कर लोनिवि को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इस पर लोनिवि ने तहसील के अनावासीय भवन निर्माण के लिए 407.53 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
तहसील के आधुनिक भवन निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति के बाद जनवरी 2022 से भवन का निर्माण शुरू हो गया। भवन में एसडीएम कक्ष, तहसीलदार कक्ष, कोर्ट रूम, नायब तहसीलदार कक्ष, रिकार्ड रूम, बंदीगृह आदि का निर्माण किया गया है।
लोनिवि के सहायक अभियंता अजेंद्र जोशी ने बताया कि अगस्त के अंतिम सप्ताह तक भवन का निर्माण पूरा हो जाएगा। उसके बाद राजस्व विभाग को नवनिर्मित भवन हैंडओवर कर दिया जाएगा। संवाद
एसडीएम तुषार सैनी का कहना है कि पुराने परिसर में तहसील के नए भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था लोनिवि की ओर से कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उम्मीद है कि अक्तूबर से नए भवन में तहसील संचालित होगी और सितारगंज में एसडीएम कोर्ट की स्थापना के बाद से मंडी समिति कार्यालय में चल रहा एसडीएम दफ्तर भी तहसील भवन में पहुंच जाएगा।