प्रोपर्टी डीलिंग के अलावा निजी स्कूल चला रहे हैं कई शिक्षक
रुद्रपुर। मोटा वेतन पाने के बावजूद कुछ सरकारी शिक्षकों की पैसे की भूख शांत नहीं हो रही है। कुछ शिक्षक अपने मूल शैक्षणिक कार्य को छोड़कर शिक्षक सेवा नियमावली का उल्लंघन कर प्रोपर्टी डीलिंग, रियल स्टेट, निजी स्कूलों का संचालन आदि अन्य व्यवसाय में लिप्त हैं। इससे सरकारी स्कूल में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बुधवार को बर्खास्त हुआ एक शिक्षक जांच में कंस्ट्रक्शन के व्यवसाय में भी लिप्त मिला था। सीईओ का कहना है कि इस तरह की शिकायत मिलने पर शिक्षक के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
वर्तमान में ऊधम सिंह नगर जिले में 790 राजकीय प्राथमिक स्कूल, 200 उच्च प्राथमिक, 66 हाईस्कूल व 58 इंटर कॉलेज हैं। इनमें करीब साढ़े 3000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। इनमें से कुछ शिक्षकों के नियमित रूप से ड्यूटी से नदारद रहने और अन्य व्यवसायों में लिप्त होने की चर्चाएं हो रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, रुद्रपुर, खटीमा, सितारगंज, गदरपुर, बाजपुर, काशीपुर और जसपुर में कई शिक्षकों का पैसा निर्माण कार्यों में लगा हुआ है, तो कुछ सीधे अन्य व्यवसायों में लिप्त है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई चौपट हो रही है। जबकि शिक्षक सेवा नियमावली में शैक्षणिक कार्य के अलावा अन्य व्यवसाय नहीं किया जा सकता। कुछ शिक्षकों के ऊपर नेताओं का हाथ होने और सबूतों के अभाव में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। इस संबंध में सीईओ रमेश चंद्र आर्या ने बताया कि सेवा नियमावली के नियमों का पालन करना सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का कर्तव्य है। शिक्षकों के शैक्षणिक कार्य के अलावा व्यवसाय में लिप्त मिलने की शिकायत मिलने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।