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Udham Singh Nagar News: हरिपुरा-बौर जलाशय में मरी मिली हजारों मछलियां

Fri, 23 Jun 2023 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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ठेकेदार ने जहर देने का संदेह जताया तो अधिकारी बोले शायद ऑक्सीजन की कमी से गई जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
गूलरभोज। हरिपुरा- बौर जलाशय के कट तिकोना में हजारों मछलियां मरी पाई गई हैं। ठेका कंंपनी के एमडी ने मछलियों को जहर देकर मारने का संदेह जताया है। उन्हाेंने पुलिस को तहरीर देने के साथ ही मत्स्य विभाग को भी घटना से अवगत करा दिया है। विभाग के अधिकारियों ने मामले में मौत के पीछे ऑक्सीजन की कमी की आशंका जताई है। हालांकि वह जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहने की बात कर रहे हैं।
मत्स्य अभिकरण ने वर्ष 2022 में आगरा की एक कंपनी को मछली शिकार का ठेका दिया है। कंपनी के एमडी जहिंनुल्लाह खान ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि बुधवार को हरिपुरा जलाशय में कट के तिकोना पर भारी संख्या में मछली मर रही थीं। मौका मुआयना करने पर देखा कि मछलियां एक ही स्थान पर मरी हुई थीं। इसके साथ ही वह मछलियां भी मरी पाई गई थी जो कम ऑक्सीजन में जिंदा रह सकती हैं। इससे प्रतीत होता है कि कंपनी को हानि पंहुचाने के लिए यहां जहर डाला गया हो। उन्होंने आशंका जताई कि जलाशय में लगभग 200 कुंटल मछली मरी होगी, इससे कंपनी को 30 लाख की हानि पहुंची है। घटना की सूचना पर चौकी प्रभारी राकेश कठायत में मौका मुआयना किया।
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-इन प्रजाति की मछलियां मरी
रोहू, कतला, ग्रासकार्प,गोल्डन,लांची , बाम, चाल, भखरा
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मरी मछलियों का पोस्टमार्टम कराने की मांग
रुद्रपुर। कंपनी के एमडी ने मत्स्य अभिकरण विभाग को घटना की लिखित शिकायत की है। साथ ही मृत मछली के पोस्टमार्टम की मांग की है, जिससे मछलियों के मरने का कारण पता लग सके। सहायक निदेशक मत्स्य संजय छिम्वाल ने बताया कि ठेकेदार की ओर से मछलियां मरने की जानकारी दी गई है। मछलियां कैसे मरी, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। संवाद

पिछले साल भी मरी थीं मछलियां
जलाशय में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने का यह पहला मामला नहीं है। 24 जुलाई 2022 को भी बौर जलाशय में मछलियां मरी थीं। हालांकि इसकी वजह पानी कम होना बताया गया था। कंपनी के एमडी ने बताया कि पिछले साल जलाशय से नदियों में पानी छोड़े जाने से जलस्तर कम हो गया था। इससे अत्यधिक गर्मी होने से मछलियां मरी थीं।
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कोट
जलाशय के जिस हिस्से में मछलियां मरी हैं, वहां पानी बहुत कम था। इसके साथ ही धूप की तपिश होने से पानी गर्म हो गया था। हो सकता है कि ऑक्सीजन की कमी से मछलियां मरी हों। इस पर स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि मरी मछलियों को जांच के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट मिलने पर ही मछलियाें की मरने की वजह स्पष्ट होगी। - संजय छिम्वाल, सहायक निदेशक मत्स्य
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