रुद्रपुर। गाजियाबाद के डासना मंदिर के पुजारी यतिनरसिंहानंद सरस्वती के नबी ए करीम पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ बयान देने से मुस्लिमों में आक्रोश है। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रभारी कलक्ट्रेट डॉ. अमृता शर्मा को सौंपा और यतिनरसिंहानंद के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। इस दौरान धार्मिक पेशवाओं के खिलाफ टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की।
सोमवार को हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मौलाना जाहिद रजा रिजवी व शहर इमाम जामा मस्जिद मुफ्ती दानिश मिस्बाही के नेतृत्व में शहर की मस्जिदों के इमाम और व बुद्धिजीवियों का प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचा। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन प्रभारी कलक्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि पुजारी यतिनरसिंहानंद ने सस्ती शोहरत पाने के लिए पैगंबर ए इस्लाम रहमते आलम सल्लललाहो अलैहवसल्लम की शान में गुस्ताखी की। इससे पूरे देश के मुसलमानों में गुस्सा है।
उन्होंने यतिनरसिंहानंद के खिलाफ केस दर्ज करने, उस पर एनएसए की कार्रवाई करने, केंद्र सरकार से संसद में इसके खिलाफ कानून बनाने की मांग की। वहां मुफ्ती सईदुर्रहमान, मुफ्ती मन्नान मरकज़ी, अय्यूब खान, मौलाना फुरकान खान, हाफिज तसव्वुर नूरी, फरमान अली, फरीद मसूरी, मुजीब मिस्वाही आदि मौजूद रहे।
विवादित धर्म गुरुओं को कार्यक्रम में न करें शामिल : अली अनवर
काशीपुर। जमीयत-ए-उलेमा ऊधमसिंह नगर के महासचिव अली अनवर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि गाजियाबाद में यतिनरसिंघानंद सरस्वती ने मुस्लिम धर्म के नबी की शान में गुस्ताखी की थी। अब काशीपुर में हनुमानगढ़ी के राजू दास ने एक साक्षात्कार में मुस्लिम धर्म के धर्मगुरुओं के विरोध में दिया है।
उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और सूबे के मुखिया को पत्राचार कर कहा है कि जिन धर्मगुरुओं पर कई मुकदमें चल रहे हों, उनकी रैली या कार्यक्रम में उपस्थिति पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजू दास पर अयोध्या में 2013 में एक और 2017 में भी संगीन धाराओं में दो मुकदमे पंजीकृत हैं, जो की ट्रायल पर सुनवाई में है।