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दोबारा संचालित हो काशीपुर का सीतापुर नेत्र चिकित्सालय

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काशीपुर। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय ने 36 साल तक हजारों लोगों की आंखों का इलाज कर उन्हें दुनिया देखने की सहूलियत दी लेकिन अब यह बंद हो गया है। जनप्रतिनिधियों और सीतापुर नेत्र अस्पताल मुख्यालय ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 29 जून से बंद इस अस्पताल से लोगों की उम्मीदें भी धरी रह गईं।
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सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के बंद होने से गरीब लोग अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।एलडी उप जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग में रोगियों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। यहां पहले 70-75 रोगियों की ओपीडी होती थी जो अब बढ़कर 100 से 125 तक पहुंच गई है। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में पहले ओपीडी में 200 से 250 तक रोगी प्रतिदिन पहुंचते थे।
एनडी तिवारी के प्रयास से खुला था अस्पताल
तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के प्रयास से वर्ष 1986 में मोहल्ला कटोराताल क्षेत्र में डॉक्टर एमपी मेमोरियल सीतापुर नेत्र चिकित्सालय की शुरूआत हुई थी। उस समय सरकारी अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं हुआ करते थे। उस वक्त 50 बेड वाले इस चिकित्सालय में काशीपुर के अलावा जसपुर, बाजपुर, रामनगर, ठाकुरद्वारा समेत आसपास शहरों के लोग इलाज कराने पहुंचते थे। अस्पताल में तैनात डॉ. अनिल सारस्वत ने 1998 में तैनाती ली थी। अपने 24 वर्षों की सेवा के बाद 31 मार्च 2022 को उन्होंने वीआरएस ले लिया।
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जनप्रतिनिधियों की बात
- मैंने अस्पताल बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण आकलन के लिए तहसील प्रशासन से कहा है। अस्पताल की जमीन पर नेत्र चिकित्सालय बनाया जाए या अन्य जनहित की बिल्डिंग, इस संबंध में जल्दी बैठक कर विचार विमर्श किया जाएगा।
त्रिलोक सिंह चीमा, विधायक
- सीतापुर नेत्र चिकित्सालय काशीपुर की धरोहर थी जिसे देखरेख के अभाव में बंद कर दिया गया। अस्पताल को एनडी तिवारी लेकर आए थे, शहर वासियों को इसका लाभ मिल रहा था। दुर्भाग्य की बात है काशीपुर के सीतापुर नेत्र चिकित्सालय को लेकर गंभीर नहीं है।
संदीप सहगल, कांग्रेस पूर्व नगर अध्यक्ष
-सीतापुर नेत्र चिकित्सालय शहर वासियों के लिए काफी लाभदायक था लेकिन इसका बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने पूर्व में भी मुख्यमंत्री से इसके जीर्णोद्धार की बात की थी। अब दोबारा से फिर प्रयासरत हूं कि सीतापुर चिकित्सालय शुरू हो सके।
ऊषा चौधरी, मेयर
नेत्र चिकित्सालय बंद होने से आर्थिक रूप से कमजोर लोग खासे परेशान हो रहे हैं। हम क्लब की ओर से अस्पताल को दोबारा शुरू कराने की मांग करेंगे।
- डॉ. दीपिका गुड़िया, अध्यक्ष, रोटरी क्लब ऑफ काशीपुर कार्बेट।
जसपुर में भी बंद हो चुका है सीतापुर नेत्र चिकित्सालय
काशीपुर। जसपुर में भी सीतापुर नेत्र चिकित्सालय था। यह दो कमरों में संचालित हो रहा था। चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल सारस्वत के वीआरएस लेने पर 29 जून 2022 को बंद कर दिया गया। डॉ. सारस्वत यहां सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को रोगियों को देखा करते थे।
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