रुद्रपुर। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या की साजिश की जांच करने देहरादून से आई एसआईटी चार माह बाद भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। बताया जा रहा है कि इस हाईप्रोफाइल मामले में कोई चौंकाने वाली जानकारी नहीं नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
10 अक्तूबर 2022 को बहुगुणा के प्रतिनिधि सितारगंज निवासी उमाशंकर दुबे ने सितारगंज पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया था कि चार माह पूर्व हल्द्वानी जेल में मंत्री की हत्या करने की साजिश रची गई थी। सितारगंज निवासी हीरा सिंह ने गेहूं चोरी मामले हुई अपनी गिरफ्तारी और खनन कारोबार बंद होने पर मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। इसी कारण हल्द्वानी जेल में हीरा सिंह ने यूपी निवासी सतनाम के साथ मिलकर मंत्री की हत्या की साजिश रची। घटना को अंजाम देने के लिए सतनाम ने किच्छा निवासी अपने दोस्त गुड्डू को सुपारी किलर बता कर उसे सुपारी देने की बात की। गुड्डू ने घटना को अंजाम देने के लिए अन्य साथी हरभजन से भी हीरा की मुलाकात कराई। आरोपियों ने जेल से निकलने के बाद घटना को अंजाम देने के लिए पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले के बाद मंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। डीजीपी अशोक कुमार ने जांच के लिए एक एसआईटी गठित की थी। इसमें एसपी देहात हरिद्वार स्वप्न किशोर सिंह, सीओ सुमित पांडे के अलावा चार इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी थे। पूरी जांच आईजी कुमाऊं की निगरानी में होनी थी। टीम ने सितारगंज में कईं दिनों तक डेरा भी डाला था। लेकिन अब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि हाईप्रोफाइल मामले में जांच रिपोर्ट का अफसरों को भी इंतजार है।
- कोट: मामले की जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे पूरा कर के मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच में कोई अतिरिक्त जानकारियां नहीं मिली है। - डॉ. निलेश आनंद भरणे, आईजी कुमाऊ