काशीपुर। निर्माणाधीन ओवरब्रिज की सर्विस रोड लोगों को पांच साल से सता रही है। करीब 1,980 दिन से चल रहे निर्माण के दौरान ज्यादातर समय सर्विस रोड खराब ही रही। यह कम समय ही अच्छी हालत में मिल सकी। सर्विस रोड अब भी ऊबड़-खाबड़ और गड्ढायुक्त है। बदहाल सर्विस रोड और सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री के कारण भी कई दोपहिया चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
ओवरब्रिज निर्माण की नींव रखते समय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया था कि निर्माण शुरू करने से पहले दोनों ओर सर्विस रोड बनाई जाएगी ताकि जनता को आवागमन में परेशानी न हो। लोग पहले की तरह ही आसानी से आवागमन कर सकेंगे और ब्रिज बनने पर पूरे शहर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ तो सर्विस रोड निर्माण सामग्री से भर गई। गिट्टी, पत्थर, बजरी से लोग परेशान रहे। इस कारण बनने के कुछ दिन बाद ही सर्विस रोड बदहाल हो गई। निर्माण सामग्री पर गिरकर कई लोग चोटिल हुए। अब सर्विस रोड पर गड्ढे हो गए। कई बार उखड़ चुकी सर्विस रोड को खोजना मुश्किल हो जाता है।
ओवरब्रिज निर्माण में हो रही देरी पर अमर उजाला ने पिछले साल अभियान चलाया तो ठेकेदार ने सर्विस रोड का निर्माण किया। फिर भी सर्विस रोड निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे। लोगों ने कहा कि बनने के कुछ दिन बाद ही यह सर्विस रोड उखड़ जाएगी। बाजपुर रोड पर ऐसा ही हुआ और वहां एक स्थान पर सर्विस रोड गायब हो चुकी है।
ओवरब्रिज निर्माण के कारण काफी समय तक रामनगर, मुरादाबाद और बाजपुर रोड पर सर्विस रोड खराब रही। इससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। -मुकेश पाहवा
सर्विस रोड काफी समय तक बदहाल रही है। पहले मेरा एमपी चौकी की तरफ जाना होता था लेकिन खराब सर्विस रोड के कारण अब उस तरफ जाने का मन नहीं होता। - पारस कपूर
अगर सर्विस रोड ठीक रहती तो जनता को इस तरह परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा लेकिन सर्विस रोड ज्यादातर खराब रही और बेगुनाह जनता परेशान होती रही। - रोहित अरोरा
लोगों को परेशानी से बचाने के लिए ब्रिज के दोनों ओर बनी सर्विस रोड दुरुस्त रहनी चाहिए लेकिन यहां सर्विस रोड किस हाल में है यह स्थिति देखने वाला कोई नहीं है।- संजय चौधरी
हमने सर्विस रोड को ठीक रखने का प्रयास लगातार किया है। इसके बाद भी कई बार तकनीकी दिक्कतों के कारण सर्विस रोड पर लोगों ने सवाल उठाए। हमारा प्रयास है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा हो और जनता को अच्छी सड़क के साथ ओवरब्रिज भी मिल सके।- जेएस मथारू, प्रोजेक्ट मैनेजर, निर्माणकर्ता संस्था।