संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। छह दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़े निगरानी से फरार आरोपी संजय उर्फ संजू को उसके जीजा ने पनाह देने में मदद की थी। पुलिस मामले में जीजा की भूमिका की जांच कर रही है। संजू को छिपाने के आरोप में उसके जीजा को भी आरोपी बनाया जाएगा।
चार जुलाई की रात को महिलाओं से पर्स छीनकर भाग रहे ट्रांजिट कैंप निवासी अंशू रस्तोगी और संजय उर्फ संजू उर्फ रघु ने सिडकुल चौक पर दरोगा मोहन भट्ट पर बाइक चढ़ा कर उन्हें घायल कर दिया था। इसमें वह भी घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अपनी निगरानी में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। छह जुलाई की सुबह आराेपी संजय पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
जिला अस्पताल से भागने के बाद वह सीधे गांव सतुईया पुलभट्टा स्थित अपने जीजा के घर पहुंचा। वहां उसके जीजा ने उसे छिपाने और वहां से भगाने में मदद की। जीजा ने उसे रुपये भी दिए। पुलिस उसके जीजा से पूछताछ कर रही है। सीओ सिटी अनुषा बडोला का कहना है कि आरोपी संजय को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। ठोस सबूत मिलने पर जीजा को भी गिरफ्तार किया जाएगा। जल्द ही कुछ दिनों के भीतर आरोपी संजय को पुलिस रिमांड ले कर गहन पूछताछ करेगी।
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साबुन की मदद से निकाली हथकड़ी
सूत्रों का कहना है कि उसके हाथ में हथकड़ी बंधी थी। जिला अस्पताल में वह कई बार बाथरूम में गया और इस दौरान उसने अपने हाथ में साबुन भी मला। इसके बाद उसने अपने शरीर में एक दर्द का इंजेक्शन लगवाया। धीरे से कड़ी मशक्कत के बाद उसने हथकड़ी से अपने हाथ को बाहर किया और पुलिस को चकमा दे कर फरार हो गया।