14 साल पहले काशीपुर में हुए जसवीर हत्याकांड के तीन दोषियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दो दोषियों पर 60-60 हजार रुपये और एक दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
काशीपुर के ग्राम मुकंदनपुर निवासी बलवीर सिंह ने 13 जुलाई 2010 को पुलिस को तहरीर सौंपी थी। उसका कहना था कि 13 जुलाई की सुबह वह अपने भाई अमरजीत सिंह, गुरमेज सिंह और भतीजे जसवीर सिंह उर्फ लाडी के साथ खेत में हैरो से जुताई कर रहे थे।
इसी बीच गांव के ही ईश्वर सिंह, सुरजीत सिंह, कुलदीप सिंह, मलकीत सिंह अवैध बंदूक और तमंचे लेकर खेत में आए। उन्होंने जमीन का पट्टा अमरजीत के नाम बनवाने की बात कहकर खाली करने की चेतावनी दी। उनके मना करने पर अभियुक्तों ने फायरिंग कर दी थी। आरोपियों ने उसके और भतीजे जसवीर सिंह के सिर पर गोली मार दी थी। इससे जसवीर की मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर चारों आरोपियों के खिलाफ द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। अदालत में सुनवाई के दौरान ईश्वर सिंह की मृत्यु हो गई थी। अदालत में पेश साक्ष्य और गवाहों के आधार पर तीन अभियुक्त सुरजीत सिंह, कुलदीप सिंह और मलकीत सिंह पर दोष सिद्ध हो गया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय मीना देऊपा ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों के अर्थदंड की धनराशि में से 60,000 रुपये मृतक के परिजनों को बतौर प्रतिकर अदा करने के आदेश दिए हैं।