आजादी का अमृत काल....तब और अब
18 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण, दिसंबर 2024 तक पूरा करने का मिला लक्ष्य
कीर्तिराज रुमाल
रुद्रपुर। उत्तराखंड की औद्योगिक राजधानी ऊधम सिंह नगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण की कछुआ गति से चल रहा है। तराई के लोग पिछले 18 साल से मेडिकल कॉलेज का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कभी सत्ता परिवर्तन ,तो कभी बजट व राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में कॉलेज का निर्माण अधर में लटका हुआ है।
एक फरवरी 2005 को उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने रुद्रपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। लेकिन बाद में मेडिकल कॉलेज निर्माण के प्रति जनप्रतिनिधियों के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण आगे का कार्य लंबे समय तक लगभग ठप रहा। कोरोना में अचानक सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के निर्माण में थोड़ी तेजी आई, जिसके फलस्वरूप करीब सात-आठ माह पूर्व से मेडिकल कॉलेज का ओपीडी ब्लॉक शुरू हो गया, जिसमें प्रतिदिन 1000 से अधिक ओपीडी हो रही है। इसके अलावा मरीजों को भर्ती करने के लिए 300 बेड का वार्ड भी बनकर तैयार है। हालांकि अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन, हॉस्टल, प्राचार्य कार्यालय आदि का निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका है और इसमें अभी लंबा समय लग सकता है। कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल निगम को दिसंबर 2024 तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य मिला है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 336 करोड़ रुपये का बजट मिला है। इसमें से अभी सिर्फ 50 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं, अभी भी 284 करोड़ का बजट उपलब्ध है। संवाद
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अभी भी थर्ड पार्टी जांच आनी शेष
रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज के विभिन्न भवनों के निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री गुणवत्ता पर सवालों के साथ ही कार्यदायी संस्था के विवाद भी सुर्खियों में रहे। मेडिकल कॉलेज के भवन की नींव की सरिया काटने व निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए आईटीआई रुड़की टीम भी पहुंची थी। वर्तमान में सरकार ने इसकी जांच थर्ड पार्टी को दी है, जिसकी जांच रिपोर्ट आनी अभी शेष है। संवाद
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इसी साल शुरू होनी थी एमबीबीएस की पढ़ाई
रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज में इस साल से एमबीबीएस की 100 सीटों के लिए पहली बार प्रवेश शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन निर्माण में देरी के चलते इसके बाद वर्ष 2024 और अब 2025 में पहला बैच शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही पैरामेडिकल और अन्य काेर्सों की तैयारी भी लटकी हुई है। संवाद
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कोट-
वर्ष 2025 तक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का पहला बैच शुरू होने की संभावना है। कार्यदायी संस्था को दिसंबर 2024 तक हर हाल में मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने का लक्ष्य दिया है। मेडिकल कॉलेज बनने से ऊधम सिंह नगर जिले के अलावा नेपाल, यूपी के सीमांत क्षेत्र और नैनीताल जिले के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। - डॉ. केदार शाही, प्राचार्य, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज
आरओबी : दो साल का काम करने में छह साल हो गए, फिर भी नहीं हुआ पूरा
काशीपुर। महाराणा प्रताप चौक से बाजपुर रोड रोडवेज बस के पास टी के आकार का आरओबी निर्माण नवंबर 2017 से चल रहा है। कार्यदायी संस्था दीपक बिल्डर्स लुधियाना को यह कार्य वर्ष 2019 में पूरा करना था लेकिन कार्यदायी कंपनी की हीलाहवाली के कारण यह काम छह लगभग छह साल में भी काम पूरा नहीं हो सका। इस दौरान ठेकेदार कंपनी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अलग-अलग समय पर लगभग चार बार तारीख दी, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। हालांकि महाराणा प्रताप चौक पर बन रहे आरओबी का एक हिस्सा रामनगर रोड से रेलवे स्टेशन रोड पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। लेकिन महाराणा प्रताप से बाजपुर रोड का हिस्सा अब तक चालू नहीं हो सका है। दो माह पहले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से वार्ता के दौरान ठेकेदार कंपनी ने 22 अगस्त तक काम पूरा करना का भरोसा दिलाया था। लेकिन अब तक रेलवे की तकनीकी टीम ने रेलवे क्रांसिंग के ऊपर बन रहे आरओबी के स्ट्रक्चर का निरीक्षण नहीं किया है। ऐसे में पूर्व में जनप्रतिनिधियों को दी तारीख पर काम पूरा होता नहीं दिख रहा है।