रुद्रपुर। जिले में किसानों को बांटने के लिए मंगाए गए मटर के बीजों की गुणवत्ता संदेह के दायरे में है। डीएम के निर्देश पर प्रशासन और कृषि विभाग की टीम उद्यान सचल दल केंद्र में पहुंची और मटर के बीजों के नमूने लिए। टीम ने बीज रखे कक्ष को सील कर दिया। इन बीजों के नमूनों की जांच दो लैबों में होगी।
उद्यान सचल दल केंद्र रुद्रपुर में किसानों को बांटने के लिए चार क्विंटल मटर के बीज मंगाए गए थे। ये बीज पीबी 89 प्रजाति के हैं। इन बीजों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें जिला प्रशासन के पास पहुंची थीं। शुक्रवार दोपहर डीएम के निर्देश पर ओसी कलक्ट्रेट गौरव बिष्ट, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, तहसीलदार दिनेश कुटौला और उद्यान विभाग के अधिकारी उद्यान सचल दल केंद्र पहुंचे थे। टीम को बताया गया कि बीजों का वितरण किच्छा के कुछ गांवों के किसानों को किया जाना है। इस बीज की सप्लाई यूपी के किसी सहकारी संघ से हुई है। बीज के कट्टों में उत्पादनकर्ता के रूप में रुद्रपुर की किसी फर्म का नाम अंकित था। जब कक्ष की जांच की गई तो उसमें 18 से अधिक बीजों के बोरे थे। इसके बाद टीम ने बोरों में से बीजों के नौ नमूने एकत्र किए। बीज रखे गोदाम को सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस प्रकार के बीजों की सप्लाई अन्य जगहों में भी की गई है। फिलहाल रुद्रपुर में बीजों की सेंपलिंग कराई गई है।
कट्टों में बीज प्रमाणीकरण संस्था का टैग नहीं
रुद्रपुर। मटर, मक्का, धान, गेहूं सहित अन्य प्रकार के बीजों की सप्लाई करते समय कट्टों पर बीज प्रमाणीकरण संस्था का टैग लगाया जाता है। इससे इसकी प्रमाणिकता का पता रहता है। इन बीजों के कट्टों पर टैग प्रशासन को नहीं मिला है। इससे साफ है कि बीज प्रमाणित नहीं है। इस बीज की गुणवत्ता संदिग्ध है। हालांकि प्रशासन को सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। ब्यूरो
किसानों की बैठक में उड़द के खराब बीज का प्रकरण आया था। इसको देखते हुए किसानों को वितरित करने के लिए आए मटर के बीजों की गुणवत्ता जांच कराने की कार्यवाही की गई है। ओसी गौरव बिष्ट सहित कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को उद्यान सचल दल केंद्र में भेजा गया था। बीजों के सैंपल जांच के लिए पंतनगर विवि और देहरादून लैब भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने तक बीज रखे कक्ष को सील किया गया गया है। अगर सैंपल फेल होते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- उदयराज सिंह, डीएम, ऊधमसिंह नगर