रुद्रपुर। संक्रमित सिरिंज से नशे के आदी युवाओं एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) संक्रमण के मामले तो बढ़ ही रहे है, समलैंगिक लोग भी एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं। जिले में एमएसएम श्रेणी में इस साल चार नए केस मिले हैं, जो एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में वर्ष 2023-24 में 10968 गर्भवती महिलाओं समेत कुल 20395 लोगों की एचआईवी जांच की गई। इनमें करीब 144 लोग एचआईवी से ग्रसित निकले। इनमें आठ गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। गर्भवतियों सहित पॉजिटिव पाए गए कुुल 109 लोगों का एआरटी सेंटर में इलाज शुरू हो गया। इस साल जिले में नशे के इंजेक्शन लगाने से 18 युवाओं में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। 2021-22 में 15 और 2022-23 में 14 युवा एचआईवी संक्रमित निकले। विभाग की ओर से एचआईवी जैसी घातक बीमारी से निपटने के लिए एआरटी सेंटरों पर ग्रसित रोगियों का इलाज करने के साथ ही टीआई प्रोजेक्ट के तहत जागरूकता भी फैलाई जा रही है। यह सार्थक भी हो रहा है लेकिन शिक्षा और सुरक्षित यौन संबंधों के बारे में जानकारी का अभाव लोगों में दिखाई दे रहा है।
इस साल एचआईवी से ग्रसित एक समलैंगिक मरीज बढ़ा
समलैंगिता के मामलों में साल 2021-22 में समलैंगिकता वाले तीन लोग एचआईवी पॉजिटिव आए थे। अगले साल 2022-23 में एक भी मामला नहीं निकला। लेकिन इस बार 2023-24 में चार नए केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब इसको लेकर भी सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से ऐसे पुरुषों को भी जागरूक करने की पहल तेज की गई है। संवाद
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एचआईवी के तीन साल के मामले
साल सामान्य गर्भवती
2021-22- 100 06
2022-23- 114 11
2023-24 136 08
-2023-24 के एचआईवी ग्रसित लोगों की प्रमुख श्रेणी
-आईडीयू (सिरिंज के जरिये नशा करने युवा)-18
-एफएसडब्ल्यू (फीमेल सेक्स वर्कर)-02
-एएनसी (गर्भवती)-08
-एमएसएम(पुरुषों के बीच यौन संबंध)-04
-माइग्रेंट(बाहर से आने वाले लोग)-02
-ट्रकर (ट्रक चालक)-01
जिले में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए समय-समय पर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। एआरटी सेंटर से जोड़कर संक्रमिताें का इलाज कराया जा रहा है। युवाओं को भी नशे की लत से दूर रखने के लिए जागरूकता फैलाई जा रही है। सलाह देते हैं कि असुरक्षित यौन संबंध व सिरिंज के घातक नशे से बचें। -डॉ. राजेश आर्या, नोडल अधिकारी, एचआईवी एड्स नियंत्रण कार्यक्रम।