सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)। लॉकडाउन के दौरान कोरोना वारियर्स बनकर जनता तक राशन बांटने का काम कर रहे राशन विक्रेताओं का दर्द छलक उठा है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से विक्रेताओं को कोई भी सुविधा न देने से उनके परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और ऐसे में विक्रेता डिप्रेशन (मानसिक रोग) का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने पीएम से आर्थिक पैकेज की घोषणा करने, हर राशन डिपोधारक को कमीशन के अलावा तीन माह तक पांच हजार रुपये की सहायता देने व 50 लाख का रिस्क कवर बीमा कराने की मांग की। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता उत्थान समिति के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यपाल बेबीरानी मौर्य समेत तमाम नेता व उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजा।
बताया कि राशन डिपोधारक की ओर ध्यान न देने से वह अत्याधिक परेशान हैं और परिवार तथा राशन की दुकान चलाने के लिए सभी खुद संघर्ष कर रहे हैं। लॉकडाउन के बाद भी अभी तक सरकार और प्रशासन का ध्यान बीपीएल, अंत्योदय व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के कार्डधारकों पर हैं, लेकिन डिपोधारक की कोई मदद नहीं कर रहा है। कहा कि सरकार ने अगर डिप्रेशन का आकलन नहीं किया तो लोग जल्द ही इसके रोगी भी बन जाएंगे।