काशीपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने राजपाल हत्याकांड के एक दोषी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बीते दिनों दोषमुक्त कर दिया गया था।
जसपुर के ग्राम पतरामपुर निवासी राम सिंह ने 19 मई 2017 को जसपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें कहा कि उसका बेटा राजपाल सिंह उर्फ राजू 18 मई 2017 की रात लगभग साढ़े आठ बजे घर के बाहर किसी से बात कर रहा था।
इसी दौरान बाइक से नरेंद्र उर्फ नंदा और बबलू निवासीगण ग्राम पतरामपुर आए। दोनों राजपाल सिंह को गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट करने लगे। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बीचबचाव करा दिया।
राजपाल हमलावरों से बच कर जैसे ही अपने चाचा रमेश के घर के पास पहुंचा तो आरोपियों ने जान से मारने की मंशा से उसके बेटे पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। सरकारी अस्पताल जसपुर के चिकित्सकों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर नरेंद्र और बबलू को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। इस घटनाक्रम का वाद
एडीजे (प्रथम) रीतेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस और तर्कों को सुना। साथ ही साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद आरोपी बबलू को साक्ष्य के अभाव में 24 अगस्त को दोष मुक्त कर दिया। मुख्य आरोपी नरेंद्र की सजा का फैसला 29 अगस्त तक के लिए सुरक्षित रखा था।
बृहस्पतिवार को एडीजे (प्रथम) की अदालत ने फैसला सुनाते हुए राजपाल के हत्यारोपी नरेंद्र को आजीवन कारावास सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भोगेगा।