शक्तिफार्म में घर के आंगन में बैठे निताई गाईन।
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घर के आंगन में 72 वर्षीय निताई गाईन चुपचाप बैठे थे। चेहरे पर इंतजार था और मन में यही आस कि बहू साधना गाईन, पोता सनातन गाईन और पोती खुशबू गाईन लौटकर घर आएंगी। उन्हें क्या पता था कि जिस बहू और पोता-पोती के लौटने का इंतजार वह कर रहे हैं, उनमें से बहू और पोती इस दुनिया से जा चुकी है जबकि पोता घायल है।
शक्तिफार्म के गांव देवनगर स्थित घर के आंगन में धीरे-धीरे लोगों का जमावड़ा बढ़ने लगा। निताई गाईन की नजरें बार-बार लोगों की ओर उठतीं। मन में कई सवाल उमड़ रहे थे। आखिर इतनी भीड़ क्यों जुट रही है? क्या कोई बड़ी घटना हो गई है क्या? हादसे की भयावह सच्चाई से वह अनजान थे।
इसी बीच हादसे की खबर सुनकर पहुंची बेटी के करुण क्रंदन ने जैसे पूरे माहौल को चीर दिया। अपनों को खोने का दर्द उसकी चीखों में झलक रहा था। यह दृश्य देखकर निताई गाईन मानो भीतर तक टूट गए। चेहरे पर गहरा सन्नाटा था। आंखें जैसे पथरा गईं। दर्द इतना गहरा था कि आंसू भी आंखों का साथ छोड़ गए थे।
जिस घर में कुछ देर पहले तक अपनों के लौटने का इंतजार था, वहां मातम पसर गया। लोगों की भीड़, रिश्तेदारों की आवाजाही और बेटी का विलाप धीरे-धीरे उस अनहोनी की तस्वीर सामने ला रहा था जिससे निताई गाईन अब तक अनजान थे। बहू साधना गाईन और 19 वर्षीय पोती खुशबू की हादसे में मौत हो चुकी थी। बुजुर्ग पिता के सामने उसके परिवार की खुशियों के अचानक बिखर जाने का दर्द भी था।