रुद्रपुर में रुपये देने के बाद भी सुपरटेक कंपनी के मेट्रोपोलिस मॉल में दुकानें नहीं देने से नाराज व्यापारियों ने बेमियादी धरने के दूसरे दिन मॉल का मुख्य गेट बंद कर दिया। उन्होंने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मॉल के दुकानदारों और कर्मचारियों के लिए गेट खुला रहा। करीब चार घंटे बाद कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर के लिखित आश्वासन पर व्यापारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा की अगुवाई में व्यापारी ने मेट्रोपोलिस मॉल के मुख्य गेट को बंद कर धरने पर बैठ गए। इससे माल प्रबंधन में अफरातफरी मच गई। पंतनगर एसएचओ मनोज रतूड़ी और सिडकुल चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने व्यापारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान एसएचओ ने कंपनी के स्थानीय अधिकारियों के साथ ही दिल्ली में मौजूद अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की। कई बार वार्ताओं का दौर चला। इस दौरान मॉल के भीतर शोरूम में काम करने वाले कर्मचारियों में संशय का माहौल बना रहा। हालांकि व्यापारियों ने मॉल के अंदर दुकानों को खुलने से नहीं रोका। व्यापारी राजेश चावला ने कहा कि वे दुकान के लिए 90 फीसदी रुपये दे चुके हैं। अब कंपनी की ओर से उन पर उल्टा ब्याज लगा दिया गया। इस मनमानी के खिलाफ वे आंदोलित हैं। इधर आंदोलन का दबाव बढ़ने पर मार्केटिंग मैनेजर सुमित पांडे ने तीन बड़े मामलों को 31 जुलाई और अन्य मामलों को 15 अगस्त तक निस्तारित करने का लिखित में आश्वासन दिया। इस पर व्यापारियों ने आंदोलन खत्म कर दिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष जुनेजा ने चेताया कि अगर वादाखिलाफी की गई तो आमरण अनशन किया जाएगा। वहां पर महामंत्री मनोज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष संदीप राव, विनोद चावला, राजेश कामरा, मनीष गोस्वामी, हरविंदर सिंह विर्क, साहब सिंह, संजीत बेदी, विकास बाठला सहित अनेक मौजूद रहे।