संवाद न्यूज एजेंसी
शांतिपुरी। क्षेत्र के शांतिपुरी नंबर चार की सड़क का निर्माण नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने गड्ढों में भरे पानी पर धान के पौधे लगाकर विरोध जताया। उन्होंने जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
शांतिपुरी नंबर चार के गांधीनगर में वार्ड एक और दो में एक-एक किलोमीटर सड़क 15 सालों से बदहाल है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों से लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। शनिवार को ग्रामीणों ने सड़क पर बने गड्ढों में धान के पौधे रोपकर आक्रोश जताया। उनका कहना था कि बारिश में सड़क के बुरे हाल हो जाते हैं। स्कूली बच्चों को कंधे पर बैठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार सड़क की मरम्मत की मांग की जा चुकी है लेकिन अब तक इसकी सुध नहीं ली गई है। वहां पर भजन सिंह, धर्म सिंह, मेहरबान सिंह, लक्ष्मी, हेमा, योगिता, हीरा, ईश्वर सिंह आदि थे।
फोटो 11पी: शांतिपुरी नंबर चार में बदहाल सड़क पर धान के पौधे लगाते ग्रामीण।
जवाहरनगर में जगह-जगह जलभराव
शांतिपुरी। जवाहरनगर में बारिश से जगह-जगह नालियां चोक होने से जलभराव हो गया है। मोहल्लों में तीन से चार फुट जलभराव होने से स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नरेंद्र मनराल, प्रकाश मनराल, डीएन जोशी ने बताया कि रेलवे लाइन के किनारे बनी नाली चोक होने के कारण जल निकासी बंद होने से गांव में जलभराव की भयावह स्थिति पैदा हो गई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित बिशन सिंह मेहरा का आरोप है कि हर बार प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या के बारे में बताया जाता है लेकिन निराकरण नहीं किया जाता है। अगर जल्द समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ तो वह ग्रामीणों को साथ लेकर जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे। संवाद