रुद्रपुर के आंबेडकर पार्क में जन सम्मेलन में बोलते आनंद नेगी।
रुद्रपुर। तराई किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि मजदूरों के साथ-साथ किसान भी भाजपा सरकार के राज में पूंजीपतियों के शोषण का शिकार हैं। किसानों को गुलाम बनाने के लिए केंद्र सरकार तीन कृषि कानून लाई थी और अब मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए 44 श्रम कानूनों को खत्म करके चार श्रम कोड लागू किए जा रहे हैं। इन श्रम कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन करेगा।
रविवार को आंबेडकर पार्क में समाज ऑटोमोटिव कंपनी की ओर से निकाले गए श्रमिकों ने जन सम्मेलन आयोजित कर न्याय की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि सिडकुल श्रम कानूनों की कब्रगाह बने हुए हैं। मजदूरों का सर्वाधिक शोषण यहां हो रहा है। एक्टू राज्य कमेटी सदस्य कैलाश पांडे ने कहा कि पिछले 100 दिनों से समाज ऑटोमोटिव के स्थायी मजदूर कार्यबहाली की मांग को लेकर दर-दर भटक रहे हैं।
इंकलाबी मजदूर केंद्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने कहा कि पूंजीपतियों और सरकार के गठजोड़ ने मजदूरों को उनके हक से वंचित कर दिया है। मजदूरों और उनकी यूनियनों को भी एकता बनाकर मजदूर आंदोलन को मजबूत बनाना होगा। वहां भाकपा (माले) जिला सचिव ललित मटियाली, अमनदीप कौर, कांग्रेस नेता हरीश पनेरु, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप, ममता पानू, हरेंद्र सिंह, सौरव कुमार, संदीप मिश्रा आदि थे।