गदरपुर। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष ने विकास खंड गदरपुर में कार्यरत एडीओ पंचायत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया था।
शिकायत पर डीएम ने मामले की गंभीरता को लेते हुए जांच अधिकारी को ब्लाॅक कार्यालय भेजा। सूचना पर वहां पहुंचे कुछ ग्राम प्रधानों ने प्रधान संघ अध्यक्ष की ओर से लगाए आरोपों को निराधार और सीएम को भेजे पत्र पर कुछ ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षरों को फर्जी बताया।
ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष कंवलजीत कौर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को विकास खंड कार्यालय में कार्यरत एडीओ पंचायत राजपाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनका स्थानांतरण की मांग को लेकर शिकायती पत्र सौंपा था। उन्होंने कहा कि एडीओ पंचायत विकासखंड में सात साल से कार्यरत हैं और प्रधानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उनके खिलाफ मई में भी शिकायत की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीएम ने शुक्रवार को जिला पशुचिकित्साधिकारी डॉ एसबी पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम को ब्लाॅक कार्यालय में जांच के लिए भेजा। जब जांच अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे तो प्रधान संघ के दूसरे संगठन के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह विर्क के नेतृत्व में कई प्रधानों ने मौके पर पहुंचकर एडीओ पंचायत पर लगे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने बताते हुए कहा कि शिकायत पत्र पर प्रधानों के जो हस्ताक्षर किए गए हैं, वह फर्जी है।
जांच अधिकारी ने कहा कि जिन प्रधानों ने शिकायत की थी, उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद सीडीओ को रिपोर्ट सौंप जाएगी। वहां रविंदर सिंह विर्क, मनोज देवराडी, संजीदा बी, रजनी सैनी, निर्मला रानी, कविता रानी, निशा कंबोज, सुनीता आर्य आदि थे।