रुद्रपुर। राज्य के बालक हॉकी खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। काशीपुर स्टेडियम में तीन करोड़ रुपये की लागत से बने पवेलियन में ही हॉकी छात्रावास बनाया जा सकता है। खेल विभाग ने इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। पवेलियन के नीचे खिलाड़ियों के लिए बनाए गए 10 कमरों में बालक हॉकी छात्रावास बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अविभाजित उत्तरप्रदेश में वर्ष 1974 में काशीपुर में स्टेडियम का निर्माण हुआ था। उस समय वहां बालक हॉकी छात्रावास बनाया गया। वर्ष 1984 तक काशीपुर स्टेडियम में बालक हॉकी छात्रावास रहा। वर्ष 1985 में सरकार के आदेश पर हॉकी छात्रावास को लखनऊ के स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया गया। वर्ष 2000 में उत्तराखंड बनने के बाद राज्य में बालक हॉकी खिलाड़ियों के लिए छात्रावास की सुविधा खत्म हो गई थी।
बाद में हरिद्वार में बालिका हॉकी छात्रावास बनाया गया लेकिन राष्ट्रीय खेल होने के बावजूद राज्य में बालक हॉकी छात्रावास नहीं है जबकि काशीपुर स्टेडियम में 50 से भी अधिक हॉकी खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। कुछ समय पहले ही खिलाड़ियों ने क्षेत्रीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा से मिलकर काशीपुर में हॉकी छात्रावास बनाने की भी मांग की थी। खिलाड़ियों की मांग को देखते हुए जिला क्रीड़ाधिकारी ने हॉकी छात्रावास बनाने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा है।
काशीपुर स्टेडियम में खेल प्रेमियों के बैठने के लिए पवेलियन का निर्माण हो चुका है। इसी के नीचे बनाए गए 10 कमरों में अब खिड़की, दरवाजे, रंगाई-पुताई होनी है। हॉकी छात्रावास के लिए प्रस्ताव पहले भेजा गया था। खिलाड़ियों की मांग को देखते हुए खेल विभाग पवेलियन के नीचे ही बालक हॉकी छात्रावास का निर्माण कर सकता है। इससे राज्य के बालक हॉकी खिलाड़ियों के लिए सुविधा होगी। -निर्मला पंत, उप क्रीड़ाधिकारी।