रुद्रपुर। स्वतंत्रता सेनानी एवं तराई के संस्थापक स्व. पंडित रामसुमेर शुक्ला की 107वी जयंती पर उन्हें याद किया गया। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, मेयर रामपाल सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आदि ने डीडी चौक स्थित स्व. रामसुमेर शुक्ला पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। सभी ने उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी पंडित शुक्ला ने छात्र जीवन से ही नेतृत्व क्षमता से एक अलग पहचान बना ली थी। वर्ष 1936 में लाहौर अधिवेशन में मात्र 21 वर्ष की आयु में जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद का खुले मंच से विरोध कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। नैनी जेल इलाहाबाद और फतेहगढ़ जेल में उन्हें कई यातनाएं सहनी पड़ी थीं।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने तराई को आबाद करने की जिम्मेदारी स्व. रामसुमेर शुक्ला के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम को सौंपी थी। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए तराई को आबाद किया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने राजकीय रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर वहां भी पं. शुक्ला की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
पंजाबी महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण चुघ, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता, स्वयं सुुरक्षा अभियान संयोजक रजनीश पांडेय, सितारगंज डिग्री कॉलेज प्राचार्य सुभाष वर्मा सुखन, कुंदन लाल खुराना, महेंद्र सिंह, बंटी खुराना, राकेश सिंह, सुशील यादव, नरेंद्र ठुकराल, सुभाष वर्मा सुखन, राज गगनेजा, राजेश तिवारी, अखिलेश यादव, बलजीत गाबा, राकेश सिंह, राजेश मिश्रा, मयंक तिवारी, रमेश चतुर्वेदी, दीपक मिश्रा, मनोज ठाकुर, डीएन यादव, अनिल यादव, अनिल चौहान, सुनील शुक्ला, महेंद्र कुमार वाल्मीकि, अजय चतुर्वेदी, गौरी शंकर, नंदकिशोर, अशोक कुमार आदि थे।