काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) ने मैक्स हेल्थ केयर के सहयोग से डॉक्टरों और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पेशेवरों के लिए अस्पताल प्रबंधन में अपनी तरह का पहला एक साल का पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रम शुरू किया है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
आईआईएम के डीन (विकास) प्रो. कुणाल गांगुली ने बताया कि पहली बार किसी आईआईएम ने मैक्स अस्पताल के साथ साझेदारी की है। भारत में कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एक-वर्षीय पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। बताया पहले बैच की कक्षाएं आईआईएम काशीपुर और मैक्स हेल्थ केयर दोनों के संकाय की ओर से मैक्स अस्पतालों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ होंगी।
इससे पहले उद्घाटन भाषण में संस्थान निदेशक प्रो. कुलभूषण बलूनी ने कहा कि हमने पिछले कुछ वर्षों में कई पहल की हैं। आईआईएम स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पेशेवरों को प्रशिक्षित करने के लिए इस तरह के पाठ्यक्रम को शुरू करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भारत के स्वास्थ्य सेवा उद्योग ने वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है जिसमें अस्पतालों, चिकित्सा उपकरणों, फार्मास्युटिकल व स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश में वृद्धि हुई है। इस वृद्धि को बनाए रखने और विश्व स्तरीय सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए, अस्पतालों में कुशल संचालन प्रबंधकों की आवश्यकता बढ़ रही है।
सितंबर 2023 और जनवरी 2024 के बीच आईआईएम काशीपुर और मैक्स हॉस्पिटल ने चार महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें 75 वरिष्ठ पेशेवरों ने अपने कौशल को निखारा व नेतृत्व कौशल सीखा।
उधर मैक्स हेल्थकेयर के वरिष्ठ मानव संसाधन निदेशक व मुख्य लोक अधिकारी उमेश गुप्ता ने सहयोगात्मक पहल के महत्व पर जोर दिया। वहीं मैक्स अस्पताल की एचआर व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रितु वर्मा ने बताया इस कोर्स में पेशेवर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की बारीकियां सीखेंगे। जैसे अस्पताल कैसे चलाना है, बजट बनाना, आवश्यक जनशक्ति व विभिन्न परिस्थितियों से कैसे निपटना है जैसे कई विषयों को शामिल किया गया है।
पहले चरण में 10 डॉक्टर और 15 स्वास्थ्य कर्मियों ने लिया दाखिला
काशीपुर। पहले बैच में 10 डॉक्टरों और 15 स्वास्थ्य कर्मियों ने नामांकन कराया है जो उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, नेपाल, राजस्थान आदि जगहों के हैं। साथ ही विभिन्न निजी व सरकारी अस्पतालों से जुड़े हैं। सभी पास-आउट पेशेवरों को आईआईएम पूर्व छात्रों का दर्जा दिया जाएगा।