काशीपुर। हंसराजपुर गाजीपुर यूपी निवासी मनोज कुमार भारती पुत्र रामपतिराम गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। लालपुर रूद्रपुर किराए पर रहकर एक कंपनी में कार्यरत था। उन्होंने बताया कि करीब साढ़े तीन वर्ष तक कंपनी में नौकरी की। पीएफ की आवश्यकता जरूरत पड़ने पर उसे कंपनी से इस्तीफा देने के लिए कहा गया। जनवरी में उसने कंपनी से इस्तीफा देकर 31 जनवरी को पीएफ के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। 2 फरवरी को पीएफ एक्टिव हुआ। करीब 44 हजार पीएफ बनता है। लॉकडाउन के दौरान उसके पास पैसे भी खत्म हो गये। चार दिन तक भूखा रहा। एसडीएम को फोन करने पर राहत सामग्री पहुंची। मकान मालिक से उधार पैसे लेकर गैस सिलेंडर भराया। 15 दिन तक पीएफ मिलने की बात कही गई थी। 75 दिन बाद भी पीएफ खाते में नहीं पहुंचा। पीएफ कार्यालय में फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं हो रही है। अब उसके पास पैसा नहीं है। उन्होंने शासन से पीएफ दिलाने की मांग की है।