पहली किस्त में बाजपुर चीनी मिल को 40, नादेही को 21 करोड़ होंगे जारी
किच्छा को 21 और डोईवाला चीनी मिल को 33 करोड़ जारी करने की प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। उत्तराखंड सरकार ने सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिल को 115 करोड़ रुपये के अनुदान का शासनादेश जारी कर दिया है। आयुक्त गन्ना एवं चीनी उद्योग हंसा दत्त पांडेय ने बताया कि सत्र 2022-23 के गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए 115 अनुदान के रूप में दिए जाएंगे।
प्रदेश की चीनी मिल ने इस सत्र 472 लाख 41 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 36 लाख क्विंटल अधिक है। इस साल प्रदेश में 47 लाख 58 हजार क्विंटल चीनी बनी है जो पिछले साल के मुकाबले 2 लाख 25 हजार क्विंटल अधिक है।
प्रदेश की चीनी मिलों ने 1657 करोड़ 82 लाख रुपये का गन्ना खरीदा है। इसके सापेक्ष 1215 करोड़ 47 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 442 करोड़ 45 लाख गन्ने का मूल्य चीनी मिल पर बकाया है। सितारगंज चीनी मिल ने किसानों का पूरा भुगतान कर दिया है। इस वर्ष अभी तक 73 प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में पांच प्रतिशत बेहतर है। इस वर्ष चीनी मिलों ने स्वयं के संसाधनों से पहले की अपेक्षा अधिक भुगतान किया है।
सरकार ने जेजीएन शुगर एंड बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली को सहकारी चीनी मिल सितारगंज को 30 साल के लिए लीज पर देने का निर्णय लिया है। अगले सत्र 2023-24 से चीनी मिल सितारगंज पीपीपी मोड पर चलाए जाने के लिए कार्यवाही की जा रही है। चीनी मिल ने अपनी पेराई क्षमता 2500 टीडीसी से बढ़ाकर 4900 टीडीसी करने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
सरकार ने गुड़ उत्पादन बढ़ाने और गन्ने से संबंधित लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए खांडसारी लाइसेंसी नीति जारी की है। इसके तहत गुण बनाने वाली इकाइयों को लाइसेंस दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष चीनी परत में बढ़ोतरी हुई है।
चीनी परत में हुई बढ़ोतरी
चीनी मिल/ पिछले वर्ष का प्रतिशत /इस वर्ष का प्रतिशत
सितारगंज/ 8.65/ 9.50 बाजपुर/ 9.69 /10.14 नादेही/ 10.51/ 10.79 किच्छा/ 10.36/ 10.37 डोईवाला/ 9.24/ 9.82 लिब्बरहेडी/ 10.66 /10.42 इकबालपुर/ 10.88 /10.97 लक्सर/ 10.57 /9.66