डिग्री कॉलेज के लिए चिह्नित भूमि पर हदबंदी करने पहुंची थी टीम
कर्मचारियों पर मनमानी और न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गदरपुर। डिग्री कॉलेज के लिए चिह्नित भूमि पर हदबंदी करने गई राजस्व विभाग की टीम को किसानों और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाते हुए सड़क किनारे धरना दिया।
बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह बिष्ट, राजस्व उपनिरीक्षक गरीब सिंह राणा, लेखपाल विजय कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार, डिग्री कॉलेज गदरपुर की प्राचार्या प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना और एसआई महेश चंद्र फोर्स के साथ ग्राम खेमपुर पहुंचे। राजस्व कर्मचारियों ने खेमपुर निवासी सतपाल भांबरी की वर्ग चार की कृषि भूमि पर हदबंदी करने की बात कही। सूचना पर किसान सतपाल भांबरी और उनके परिवार के लोगों ने मौके पर पहुंचकर हदबंदी की कार्यवाही का विरोध शुरू कर दिया। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में और लोग पहुंचे और सड़क किनारे धरना शुरू कर दिया।
किसान अशोक भांबरी का कहना था कि उनके पिता प्रेमचंद की मृत्यु के बाद वह अपनेेेे भाई अजय कुमार और विजय कुमार के अलावा चाचा सतपाल भांबरी के साथ पिछले 50 वर्षों से वर्ग चार की भूमि पर काबिज होकर खेती कर रहे हैं। राजस्व कर्मचारियों ने मनमाने तरीके से जमीन को वर्ग पांच में दर्ज कर प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए स्थानांतरित कर दिया है। इसकी उनको पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई और वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसकी सुनवाई 25 मई को होनी है। सूचना पर भाकियू राजनैतिक के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी और जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह गौराया भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद किसान और ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह बिष्ट से नाराजगी व्यक्त की। वहां पर उत्तमचंद, मनोहर लाल, सुखदेव मैनी, सुभाष कुमार, रमेश धीर, कैलाश रानी, श्वेता, अनिता, रीता रानी आदि थे।