रुद्रपुर। खेल विभाग के एथलेटिक्स छात्रावास से अनुशासनहीनता के आरोप में आठ खिलाड़ियों के निष्कासन की जांच प्रशासन डेढ़ महीने बाद भी पूरी नहीं कर सका है।
बीते 31 अगस्त को जिला क्रीड़ाधिकारी जानकी कार्की ने अनुशासनहीनता के आरोप में एथलेटिक्स छात्रावास के आठ खिलाड़ियों को छात्रावास से निष्कासित कर दिया था। खिलाड़ियों से उसी दिन छात्रावास खाली करा लिए गए थे। खिलाड़ी रुद्रपुर के कई कॉलेजों में अध्ययनरत थे। इससे उनकी पढ़ाई में भी व्यवधान आया। निष्कासित खिलाड़ियों में कई उभरते हुए एथलीट हैं। निष्कासन का मामला एक सितंबर को खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने खटीमा के दौरे पर आए मुख्यमंत्री के सामने उठाया था। सीएम ने मौके से ही डीएम को फोन कर प्रकरण की जांच कराने के आदेश दिए थे।
दो सितंबर को निष्कासित खिलाड़ियों ने डीएम उदयराज सिंह से मुलाकात की थी। डीएम ने एसडीएम सदर मनीष बिष्ट को प्रकरण की जांच सौंपी थी। जांच के बाद ही इस संबंध में निर्णय लेने की बात कही थी। जांच अब तक पूरी न होने से खिलाड़ियों के भविष्य पर फैसला नहीं हो पा रहा है। जांच और जिला प्रशासन के फैसले पर खिलाड़ियों के साथ ही उनके अभिभावकों की नजर टिकी हुई है।
निष्कासित खिलाड़ी
भूपेंद्र सिंह निवासी आदर्श कालोनी खटीमा, सन्नी यादव निवासी खुंसरा (नकटपुरा-सितारगंज), मनमोहन सिंह निवासी निर्तोली (बाता-बंदगापानी) पिथौरागढ़, गजनफर निवासी वार्ड नंबर दो कालाढूंगी (नैनीताल), सोलित कुमार निवासी सिकरोड़ा भगवानपुर हरिद्वार, भुवन सिंह बिष्ट निवासी आनंद नगर तिलियापुर शक्तिफार्म सितारगंज, मंदीप कुमार निवासी पोडावाली हरिद्वार, प्रणव कुमार निवासी मिर्जापुर मोनेवा खानपुर हरिद्वार।
विभागीय कार्य में व्यस्तता के चलते जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है। जल्द ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
मनीष बिष्ट, एसडीएम सदर, रुद्रपुर