रुद्रपुर। लोक निर्माण विभाग के लिए अपने ही सेवानिवृत्त एई को लाखों रुपये के ब्याज का भुगतान करना गले की फांस बना हुआ है। हाईकोर्ट ने विभाग को ब्याज के आठ लाख 14 हजार रुपये का भुगतान कर 23 अगस्त को इससे अवगत कराने के आदेश दिए हैं। शासन की ओर से बजट नहीं मिलने से अफसरों के माथे पर बल है। चूंकि मामला हाईकोर्ट का है लिहाजा तारीख से पहले बजट पाने के लिए अफसर लगातार शासन को पत्र भेज रहे हैं।
2022 में सहायक अभियंता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा लोनिवि से सेवानिवृत्त हो गए थे। इससे पहले लोहाघाट में पुल गिरने के मामले में उनको निलंबन झेलना पड़ा था। हालांकि वे बाद में बहाल हो गए थे। बताया जा रहा है कि इस दरम्यान के वेतन सहित अन्य देयकों के अलावा चयन वेतनमान का लाभ भी उनको देरी से मिला था। जिसके चलते उन्होेंने विभाग से ब्याज की मांग सहित अन्य मामलों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पिछले महीने हाईकोर्ट ने ब्याज के आठ लाख 14 हजार 852 रुपये जगदीश प्रसाद को भुगतान करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने ईई को जगदीश को ब्याज का भुगतान कर 23 अगस्त को अवगत कराने के आदेश दिए थे लेकिन शासन की ओर से अब तक ब्याज की रकम का बजट जारी नहीं हो सका है। ईई विनोद डोबरियाल ने बताया कि सेवानिवृत्त एई को हाईकोर्ट के आदेश पर ब्याज का भुगतान करना है। सात अगस्त से अब तक तीन बार बजट की मांग के लिए पत्र भेजा जा चुका है और स्पेशल मैसेज भी भेजा चुका है।