काशीपुर। मोबाइल कंपनी के टावर पर बैटरी लगा रहा युवक करंट लगने से झुलस गया। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों और परिचितों ने उसका शव टावर के पास ले जाकर हंगामा काटा। उन्होंने मोबाइल कंपनी के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कर मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया। खबर लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है।
महुआखेड़ागंज में चेयरमैन पति अब्दुल हसन के प्लाट पर एक मोबाइल कंपनी का टावर है। इस टावर पर मुरादाबाद थाना बिलारी के ग्राम हाथीपुर बहाउद्दीन निवासी गौरव चौधरी (30) पुत्र मेघराज सिंह और उसका साथी वीरेंद्र काम करता था। इन लोगों की ड्यूटी टावर में तेल डालने और बैटरी आदि बदलने की थी। बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे दोनों टावर पर पहुंचे। गौरव टावर से बैटरा निकालने लगा, जबकि वीरेंद्र उसे टार्च दिखा रहा था। इसी दौरान करंट लगने से गौरव झुलस कर बेहोश हो गया। साथी वीरेंद्र ने उसे अस्पताल ले जाने के लिए कई लोगों से मदद लेने का प्रयास किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
सूचना पर उसके साथ काम करने वाला राजू अपनी कार लेकर वहां पहुंचा। गौरव को काशीपुर के एक निजी अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की खबर पाकर परिजन और परिचित अस्पताल पहुंच गए। वह उसके शव को लेकर फिर से टावर पर पहुंच गए। उन्होंने टावर कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। उनका कहना था कि टावर में करंट की समस्या पिछले एक माह से थी। इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका था लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया।
गौरव के परिवार में वृद्ध माता-पिता के अलावा पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। उसकी मौत से बच्चों के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। हंगामे की सूचना पर पैगा चौकी प्रभारी विजय सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। मृतक अपने पीछे पत्नी और एक वर्षीय पुत्र कृष्णा व तीन साल की बेटी सिया को छोड़ गया है। एसपी चंद्रमोहन ने बताया कि इस मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।