सितारगंज में आयोजित बैठक में किसानों को संबोधित करते वक्ता।
सितारगंज। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को सितारगंज के आगरा गुरुद्वारा परिसर में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में संगठन ने केंद्र सरकार की संभावित कृषि नीति और व्यापार समझौते का कड़ा विरोध किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने आरोप लगाया कि इस समझौते के जरिये देश के अन्नदाताओं से खेती-किसानी छीनने की कोशिश हो रही है। साथ ही अनाज के कारोबार पर अमेरिकी कंपनियों का कब्जा कराने की कोशिश की जा रही है। चढूनी ने चेतावनी दी कि यदि कृषि क्षेत्र विदेशी कंपनियों के लिए खोला गया तो छोटे और मध्यम किसानों को भारी नुकसान होगा। किसान अपनी जमीन, फसल और आजीविका बचाने के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई समझौता किया गया तो भारतीय किसान यूनियन पूरे देश में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
बैठक के अंत में किसानों ने अपनी जमीन और फसलों की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह मोहार, जिलाध्यक्ष मनजिंदर सिंह भुल्लर, प्रदेश सचिव परमिंदरजीत सिंह आदि रहे।