काशीपुर। ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), पंजीकरण समेत 58 विभागीय कार्यों के लिए अब लोगों को एआरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सभी एआरटीओ कार्यालय डिजिटल किए जाएंगे इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। अक्तूबर के अंत तक शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। शासनादेश जारी होने पर एक नवंबर से सभी कामकाज ऑनलाइन कर दिए जाएंगे।
कोरोना काल में सरकारी कार्यालय के बाहर होने वाली भीड़ को रोकने के लिए वर्ष 2020 में सरकारी सेवाएं ऑनलाइन करने के निर्देश जारी हुए थे। यह व्यवस्था आरटीओ कार्यालयों में भी लागू की थी गई थी। इससे जहां लोगों का समय बचा, वहीं कार्यालयों की भीड़ छंट जाने से विभागीय कामकाज में भी सुधार हुआ। इसे देखते हुए सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने डीएल, वाहन पंजीयन, मालिकाना हक के स्थानांतरण जैसी 58 नागरिक सेवाओं को आधार सत्यापन के जरिये ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है। आवेदक के आधार कार्ड से जुड़े फोन नंबर पर ओटीपी भेजकर आवेदनों को पंजीकृत किया जाएगा, जिन व्यक्तियों के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं रहेगा, वह किसी अन्य पहचान पत्र के आधार पर लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन, लर्निंग लाइसेंस जारी करने, लाइसेंस में पता, नाम, फोटो बदलने जैसी सेवाओं का लाभ ले सकेगा।
आठ हजार फाइलें हो गईं स्कैन
एआरटीओ दफ्तरों के सभी पटलों का डाटा ऑनलाइन करने का कार्य तेजी से चल रहा है। एआरटीओ कार्यालय काशीपुर में आठ हजार से अधिक फाइलों को स्कैन किया जा चुका है। इसके बाद इन फाइलों को कंप्यूटर में अपलोड किया जाएगा।
विश्व बैंक परियोजना के तहत डाटा सॉफ्ट कंपनी (आउटसोर्स) के माध्यम से कार्यालय में डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। इससे वाहनों से संबंधित डाटा सुरक्षित होगा। विभाग को पेपर वर्क से निजात भी मिल सकेगी। डाटा ऑनलाइन होने से एक क्लिक पर फाइल खुल जाएगी और नई व्यवस्था के तहत आवेदनों का निपटारा कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था के लिए एनआईसी सॉफ्टवेयर बना रहा है। सॉफ्टवेयर अपलोड होने पर उत्तराखंड सरकार की ओर से शासनादेश जारी किया जाएगा।
- आसित कुमार झा, एआरटीओ