गदरपुर में ग्राम कुईखेड़ी में बौर नदी में बहे जोगिंदर सिंह को खोजबीन करते जल पुलिस के जवान
गदरपुर। भतीजे के साथ पशु चराने गए बुजुर्ग की बौर नदी के तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों ने मौके पर पहुंचकर नदी में सर्च अभियान चलाया। लेकिन बुुजुर्ग का पता नहीं चल सका है।
शनिवार दोपहर ग्राम कुईखेड़ी निवासी जोगिंदर सिंह (63) अपने भतीजे राजेंद्र सिंह (22) के साथ पशु चराने के लिए घर से निकले थे। पशुओं को चराते चराते दोनों गांव से कुछ दूर बहने वाली बौर नदी के किनारे पहुंच गए। इस बीच कुछ पशु बौर नदी के दूसरे किनारे की ओर चले गए। पशुओं को वापस लाने के लिए जोगिंदर सिंह भी नदी में उतरे।
देर शाम राजेंद्र पशुओं के साथ घर लौट आया लेकिन जोगिंदर घर नहीं लौटे। परिजनों ने नदी के पास जाकर जोगिंदर की खोजबीन की लेकिन अंधेरा होने की वजह से उनका कोई पता नहीं चल सका। रविवार सुबह ग्राम प्रधान विजय कुमार और राजेंद्र कंबोज की सूचना पर थानाध्यक्ष राजेश पांडेय ने बौर जलाशय से जल पुलिस के जवानों को बुलाकर जोगिंदर की खोजबीन शुरू कीई। एनडीआरएफ की 15वीं बटालियन के निरीक्षक धीरेंद्र रावत के नेतृत्व में 30 सदस्यीय टीम भी कुईखेड़ी पहुंचकर जोगेंदर की तलाश में जुटी लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका।
एसडीएम राकेश तिवारी ने कहा कि जोगिंदर सिंह की खोजबीन के लिए रामपुर जिला प्रशासन से भी मदद ली जाएगी। ग्रामीणों ने पानी के तेज बहाव में बह जाने से जोगिंदर सिंह की मौत की आशंका जताई है। हादसे के बाद से जोगिंदर की पत्नी हरनाम कौर सदमे में हैं। वह काम के सिलसिले में पंजाब गई हुई थीं। जोगिंदर सिंह के एक बेटे मलकीत सिंह की दस साल पहले मौत हो चुकी है और दूसरा बेटा अमरजीत सिंह घर पर रहकर परिवार का लालन पालन करता है।
जल पुलिस के जवानों की सजगता से बची युवक की जान
गदरपुर। जोगिंदर सिंह की खोजबीन के लिए गांव के कई युवा सुबह से ही बौर नदी में चले गए थे। पिंदर सिंह भी जोगिंदर सिंह की खोजबीन में जुटा था। तैरते तैरते थक चुके पिंदर ने जब नदी किनारे आने की कोशिश की तो उसकी हिम्मत जवाब दे गई और वह डूबने लगा। उसे डूबता देख किनारे पर मौजूद जल पुलिस के जवानों ने पानी में कूदकर और सुरक्षा जैकेट की मदद से उसे बचा लिया।
गदरपुर में ग्राम कुईखेड़ी में बौर नदी में बहे जोगिंदर सिंह को खोजबीन करते जल पुलिस के जवान